
नई दिल्ली/गुवाहाटी। 08 अप्रैल 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान (9 अप्रैल) से महज 24 घंटे पहले, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। असम पुलिस की एक विशेष टीम ने मंगलवार (7 अप्रैल) को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके परिवार के खिलाफ खेड़ा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद दर्ज की गई एक प्राथमिकी (FIR) के सिलसिले में की गई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान पवन खेड़ा अपने घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने उनके आवास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ‘आपत्तिजनक दस्तावेज’ जब्त करने का दावा किया है।
छापेमारी की वजह: सीएम सरमा की पत्नी पर लगाए गए आरोप
विवाद की शुरुआत रविवार, 6 अप्रैल को हुई, जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि रिनिकी भुइयां के पास भारत के अलावा यूएई और मिस्र जैसे देशों के तीन पासपोर्ट हैं। इसके अलावा, उन्होंने दुबई में बेनामी संपत्ति और अमेरिका के व्योमिंग (Wyoming) में करोड़ों के निवेश का आरोप लगाते हुए कहा कि इन जानकारियों को मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में छिपाया गया है।
इन आरोपों के तुरंत बाद, रिनिकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। इसी मामले में पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए असम पुलिस मंगलवार को दिल्ली पहुंची।
पुलिसिया कार्रवाई: खेड़ा ‘फरार’, उपकरण जब्त
असम पुलिस के डीसीपी (क्राइम) देबोजित नाथ ने बताया कि दिल्ली पुलिस के सहयोग से यह तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी:
- खेड़ा की अनुपस्थिति: जब पुलिस टीम निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पहुंची, तो पवन खेड़ा वहां नहीं मिले।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती: पुलिस ने घर से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल स्टोरेज डिवाइस जब्त किए हैं।
- दस्तावेजों की जांच: पुलिस का दावा है कि छापेमारी में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा कि “पवन खेड़ा दिल्ली से हैदराबाद भाग गए हैं।” उन्होंने आरोपों को ‘पाकिस्तान प्रायोजित दुष्प्रचार’ करार दिया और कहा कि कांग्रेस ने एआई (AI) द्वारा बनाए गए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया है।
कांग्रेस का पलटवार: ‘लोकतंत्र की हत्या’
इस छापेमारी के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बिहार की राजधानी पटना में भी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव से ठीक एक दिन पहले मुख्य विपक्षी दल के नेता के घर छापेमारी करना ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ (Political Vendetta) है।
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन आवाजों को दबाना चाहती है जो मुख्यमंत्री के परिवार के भ्रष्टाचार को उजागर कर रही हैं। पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर हमला बताया है।
चुनावी समीकरण: मतदान से पहले तनाव
असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। ऐसे में पवन खेड़ा के घर हुई इस छापेमारी ने चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है। जहां भाजपा इसे ‘कानूनी प्रक्रिया’ बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे ‘चुनावी स्टंट’ करार दे रही है। असम के विपक्षी नेताओं ने भी इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन बताया है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पवन खेड़ा पुलिस के सामने पेश होते हैं या वे कानूनी राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं। फिलहाल, दिल्ली और गुवाहाटी पुलिस की टीमें खेड़ा की तलाश में जुटी हैं और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।


