असम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार देर रात उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. इस सूची में 23 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. इसके साथ ही कांग्रेस अब तक कुल 65 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है. पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से उम्मीदवार बनाया है, जिससे चुनावी रणनीति का संकेत मिलता है.
126 में से 80 सीटों पर स्थिति स्पष्ट
इससे पहले कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 42 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे. दूसरी सूची जारी होने के बाद अब असम की कुल 126 विधानसभा सीटों में से 80 सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है. कांग्रेस ने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीटें छोड़ी हैं, जिनमें तीन आरक्षित सीटें भी शामिल हैं. संभावित सहयोगी दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, सीपीएम और असम जातीय परिषद जैसे संगठन शामिल हो सकते हैं. दूसरी सूची में तीन महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है, जिसे पार्टी अपनी समावेशी राजनीति के तौर पर देख रही है.
बहुमत के लिए 64 सीटें जरूरी
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जिनमें 9 सीटें अनुसूचित जाति और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 64 सीटों का आंकड़ा हासिल करना होगा. कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही दोनों सूचियां जारी कर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश की है.
भाजपा-कांग्रेस में कड़ी टक्कर की उम्मीद
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है. हालांकि, पूर्व कांग्रेसी नेता भूपेन बोरा को मैदान में उतारने की अटकलें लगाई जा रही हैं. असम समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा इसी महीने होने की संभावना है.
राज्य की राजनीति में इस बार विकास, बेरोजगारी और जातीय मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चुनावी मैदान में अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ उतरने की तैयारी कर रहे हैं.


