भागलपुर में अश्विनी कुमार चौबे का कार्यकर्ताओं को संदेश: योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं, विकसित भारत के संकल्प को बनाएं जनआंदोलन

भागलपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भागलपुर प्रवास के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठन सशक्तीकरण, जनसेवा और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। नाथनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पहुंचे चौबे ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें।

प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, लेकिन इन योजनाओं की जानकारी हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए जनधन योजना जैसी पहलें शुरू की गईं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों को मिला है। इसी प्रकार कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी व्यापक स्तर पर संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए। केवल चुनावी समय में नहीं, बल्कि पूरे वर्ष लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सहयोग करने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और जनता का विश्वास भी इसी आधार पर मजबूत होता है।

प्रेस से बातचीत के दौरान अश्विनी कुमार चौबे ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को दुनिया के अग्रणी देशों की श्रेणी में पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब संगठनात्मक ढांचा बूथ स्तर तक मजबूत होगा। कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहकर विकास योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचानी होगी। साथ ही उन्हें समाज की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझते हुए सरकार और जनता के बीच प्रभावी सेतु की भूमिका निभानी होगी।

चौबे ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जमीनी संरचना है। यदि गांव और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा तो विकास की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी और आम लोगों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नियमित जनसंपर्क अभियान चलाने और समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने की अपील की।

बिहार के विकास को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न स्तरों पर सरकारें मिलकर काम करती हैं तो विकास परियोजनाओं को गति मिलती है और जनता को उसका लाभ जल्द प्राप्त होता है। बिहार में आधारभूत संरचना, सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है, जिससे राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा मिल रही है।

भागलपुर के विकास का जिक्र करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जिन योजनाओं को केवल सपना माना जाता था, वे अब धीरे-धीरे वास्तविकता का रूप ले रही हैं। इनमें मरीन ड्राइव परियोजना और हवाई अड्डा निर्माण जैसी योजनाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि मरीन ड्राइव परियोजना के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था को नई सुविधा मिलेगी और गंगा किनारे पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं हवाई अड्डा परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है। उनका मानना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि विकास केवल बड़े निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। जब किसी क्षेत्र में सड़क, परिवहन, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ती हैं तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़ते हैं। यही समग्र विकास की वास्तविक पहचान है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। प्रत्येक कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचे। इसके लिए नियमित जनसंपर्क, जागरूकता अभियान और लाभार्थियों के साथ संवाद आवश्यक है।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन का मूल उद्देश्य समाज की भलाई होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे जनता के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। जनता से जुड़ाव ही किसी भी जनप्रतिनिधि और संगठन की सबसे बड़ी पूंजी होती है।

उन्होंने कहा कि आज का दौर केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि विकास और सुशासन की प्रतिस्पर्धा का है। जो संगठन और नेतृत्व जनता की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा करेगा, वही लोगों का विश्वास प्राप्त करेगा। इसलिए कार्यकर्ताओं को सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ काम करना चाहिए।

प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक विषयों, जनसंपर्क, सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम के अंत में अश्विनी कुमार चौबे ने सभी कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के संकल्प को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर जनसेवा और विकास के लिए कार्य करेगा तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन की सामूहिक शक्ति और जनता के सहयोग से यह सपना अवश्य साकार होगा।

प्रशिक्षण शिविर में भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संगठन विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और आगामी गतिविधियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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