
भागलपुर, 14 जुलाई 2025:गंगा कटाव से प्रभावित मासाडू गांव के लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आशीष मंडल की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें एंबुलेंस से जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
“जितिया अनशन” का दिया नाम
आशीष मंडल ने इस आंदोलन को “जितिया अनशन” नाम दिया था, जो पारंपरिक आत्म-त्याग की भावना को दर्शाता है। वे पिछले पांच दिनों से बिना अन्न-जल ग्रहण किए शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। उनका स्पष्ट आग्रह था कि कटाव पीड़ितों को समुचित मुआवजा दिया जाए, जिससे वे पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ सकें।
प्रशासन में मची हलचल, ग्रामीणों का उमड़ा समर्थन
जब अनशन की खबर के साथ उनकी बिगड़ती तबीयत की सूचना फैली, तो मासाडू सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से मायागंज अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
जन प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका में
आशीष मंडल गोपालपुर से जेडीयू विधायक गोपाल मंडल के पुत्र हैं और नवगछिया में जदयू के युवा जिला अध्यक्ष भी हैं। हालांकि वे किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय रही है।
प्रशासन ने दिए संकेत, लेकिन आंदोलन जारी
प्रशासन की ओर से अब तक संवेदनशील रुख दिखाया गया है और मुआवजे को लेकर बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक कटाव पीड़ितों को लिखित आश्वासन और मुआवजा योजना लागू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


