असदुद्दीन ओवैसी ने जताया डर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी हिंसक मुहिम शुरू करेगा RSS और कांग्रेस देगी साथ

उत्तर प्रदेश के मथुरा के जिला कोर्ट ने श्रीकृष्ण विराजमान की 13.37 एकड़ जमीन के स्वामित्व और शाही ईदगाह हटाने की अपील मंजूर कर ली है। (Shri Krishna Janmsthan Mathura) शुक्रवार को मथुरा जिला न्यायालय ने ये फैसला किया। इस पूरे मामले पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन औवैसी ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) हिंसक मुहिम शुरू करेगा। (Asaduddin Owaisi on Shri Krishna Janmsthan) श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर अब 18 नवंबर को सुनवाई होगी।

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवैसी ने कहा, जिस बात से डर था वही हो रहा है। बाबरी मस्जिद से जुड़े फैसलों की वजह से संघ परिवार के लोगों के इरादे और भी मजबूत हो गये हैं। याद रखिए, अगर आप और हम अभी भी गहरी नींद में रहेंगे तो कुछ साल बाद संघ इस पर भी एक हिंसक मुहीम शुरू करेगी और कांग्रेस भी इस मुहिम का एक अटूट हिस्सा बनेगी।

ओवैसी ने कहा, ‘पूजा का स्थान अधिनियम 1991, पूजा के स्थान को बदलने से हमें मना करता है। गृह मंत्रालय को इस अधिनियम का प्रशासनिक अधिकार सौंपा गया है, इसकी प्रतिक्रिया कोर्ट में क्या होगी? अक्टूबर 1968 में शाही ईदगाह ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के विवाद को हल हो गया था। फिर अब इसे पुनर्जीवित क्यों किया जा रहा है?

कोर्ट में यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीशंकर जैन और विष्णु जैन ने दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है। बता दें कि कोर्ट ने 1968 में जन्मस्थान और ईदगाह के बीच समझौते के आधार पर वाद खारिज कर दिया था। वाद खारिज होने में मुकदमा करने के अधिकार को भी आधार माना गया था। हर भक्त के वाद दायर करने पर न्यायालय को आपत्ति थी।

 

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