गोपाल खेमका हत्याकांड में बढ़ सकती है गिरफ्तारी, जांच के घेरे में कई संदिग्ध

गोपाल खेमका हत्याकांड: शूटर उमेश यादव और बिल्डर अशोक साव गिरफ्तार, सुपारी में हुआ था 4 लाख में सौदा

पटना, 08 जुलाई 2025:राजधानी पटना के बहुचर्चित गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शूटर उमेश यादव और हत्या की सुपारी देने वाला बिल्डर अशोक साव गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इस पूरे मामले का खुलासा मंगलवार को डीजीपी विनय कुमार ने पटना पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में किया।

डीजीपी ने बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि हत्या में उमेश यादव मुख्य शूटर था और हत्या की साजिश बिल्डर अशोक साव ने रची थी। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

हत्या के पीछे के संभावित कारण:

डीजीपी के अनुसार हत्या के पीछे कई संभावित कारण सामने आ रहे हैं:

  • जमीन विवाद
  • पुरानी आपराधिक रंजिश
  • बेटे गुंजन खेमका की हत्या के मामले में मुख्य गवाह होना

हालांकि पुलिस फिलहाल हत्या के सटीक कारण की गहन तफ्तीश कर रही है, ताकि सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।

साजिशकर्ता की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस:

प्रेस वार्ता में मौजूद एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि अशोक साव के कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। इससे कुछ और संदिग्धों की पहचान हो सकती है। पुलिस को पता चला है कि खेमका और अशोक साव के बीच जमीन को लेकर जमकर फोन पर बहस हुई थी। इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड भी बरामद हुआ है।

साजिश की रकम और भुगतान का खुलासा:

  • सुपारी की रकम: ₹4 लाख
  • ₹50,000 अग्रिम रूप से दिए गए
  • ₹3.5 लाख की शेष राशि 5 जुलाई को सुबह 8 बजे मालसलामी थाना क्षेत्र में जेपी गंगा पथ पर उमेश यादव को दी गई।

बरामदगी:

  • उमेश यादव के घर से:
    • ₹3.65 लाख नकद
    • 59 कारतूस
    • मोबाइल फोन और दस्तावेज
  • अशोक साव के घर से:
    • ₹6.50 लाख नकद
    • दर्जनों जमीन से जुड़े दस्तावेज

मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका में राजा उर्फ विकास मुठभेड़ में ढेर:

डीजीपी ने बताया कि इस मामले में मुख्य लाइनर की भूमिका निभाने वाला राजा उर्फ विकास पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसके ऊपर हत्या, लूट सहित करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज थे।

बांकीपुर क्लब में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं:

प्रेस वार्ता के दौरान पटना आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि बांकीपुर क्लब में कोई सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं होती, जो गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

अन्य संदिग्ध रडार पर:

एडीजी कृष्णन और डीजीपी ने संकेत दिए कि इस पूरे मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है।

प्रेस वार्ता में मौजूद अधिकारी:

  • डीजीपी विनय कुमार
  • एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन
  • पटना आईजी जितेंद्र राणा
  • पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा
  • एसपी (मध्य) दीक्षा
  • अन्य वरिष्ठ अधिकारी

 

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