अररिया में ‘थप्पड़ कांड’ से बवाल: ADM ने डॉक्टर को जड़ा, भड़के समर्थकों ने जांच टीम को बनाया बंधक; जिले भर के प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर

  • फारबिसगंज में हाई-वोल्टेज ड्रामा: बचपन हॉस्पिटल में जांच करने गए एडीएम डॉ. रामबाबू पर डॉक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप; वीडियो वायरल
  • अधिकारियों को कमरे में किया कैद: मारपीट के बाद बिगड़े हालात, आधे घंटे तक बंधक रही टीम; पुलिस ने छुड़ाया
  • इलाज ठप, मरीज बेहाल: आईएमए (IMA) ने बुलाई हड़ताल; कहा- दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं, प्रशासन और डॉक्टरों के बीच ठनी

द वॉयस ऑफ बिहार (अररिया/फारबिसगंज)

​अररिया जिले में गुरुवार को प्रशासन और डॉक्टरों के बीच हुई भिड़ंत ने अब उग्र रूप ले लिया है। फारबिसगंज में जांच के दौरान एक “थप्पड़ कांड” (Slap Incident) ने पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को वेंटिलेटर पर ला दिया है। वायरल वीडियो और मारपीट की घटना के विरोध में शुक्रवार से जिले के सभी निजी डॉक्टर और क्लिनिक हड़ताल (Strike) पर चले गए हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

​जिले में डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर अवैध नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में एडीएम डॉ. रामबाबू के नेतृत्व में एक धावा दल फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित ‘बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ पहुंचा।

  • थप्पड़ और मारपीट: जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एडीएम ने वहां मौजूद डॉ. दीपक कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद मामला बिगड़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जो सीसीटीवी और मोबाइल कैमरों में कैद हो गई।
  • बंधक बनी टीम: मारपीट के बाद डॉक्टर के समर्थकों ने एडीएम और उनकी टीम को एक कमरे में बंद कर दिया और करीब आधे घंटे तक बंधक बनाए रखा। बाद में एसडीएम और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया और अधिकारियों को बाहर निकाला।

IMA का कड़ा रुख, हड़ताल शुरू

​इस घटना ने तूल पकड़ लिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की अररिया, पूर्णिया और सुपौल इकाइयों ने आपात बैठक कर घटना की निंदा की है।

  • हड़ताल: आईएमए ने साफ कहा है कि डॉक्टरों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का ऐसा दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

  • डॉक्टर का पक्ष: पीड़ित डॉ. दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि धावा दल ने पहले दुर्व्यवहार किया और फिजिकल अटैक की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है।
  • प्रशासन का पक्ष: वहीं, प्रशासन का कहना है कि नियमों की जांच करना उनका कर्तव्य है और अवैध संस्थानों पर कार्रवाई जारी रहेगी। सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप ने भी मौके पर पहुंचकर जांच का भरोसा दिया है।
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