
मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित Prasad Hospital में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हादसे में घायल एक और मरीज अंजनी कुमार सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
इलाज के दौरान हुई मरीज की मौत
जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद गंभीर रूप से घायल अंजनी कुमार सिंह को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अस्पताल का लाइसेंस रद्द
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए प्रसाद अस्पताल का निबंधन (लाइसेंस) रद्द कर दिया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल मालिक और प्रबंधन पर FIR
मामले में अग्निशमन विभाग के अधिकारी के बयान पर अस्पताल मालिक, प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से राहत मिल गई और रिहा कर दिया गया।
अस्पताल खाली कर सील किया गया
घटना के बाद प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करा दिया। इसके बाद पूरे भवन को खाली कराकर सील कर दिया गया है।
अब प्रशासनिक अनुमति के बिना अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं की जा सकेगी।
कई विभागों की संयुक्त जांच जारी
कमिश्नर के निर्देश पर कई विभागों की टीमें जांच में जुट गई हैं। भवन निर्माण विभाग, बिजली विभाग और नगर निगम अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।
जांच के दायरे में अस्पताल का निर्माण, फायर सेफ्टी सिस्टम, विद्युत व्यवस्था, भवन स्वीकृति और अन्य जरूरी अनुमतियां शामिल हैं।
सुरक्षा मानकों में लापरवाही की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई, जिसने इस बड़े हादसे को जन्म दिया।
पूरे बिहार में बढ़ी सतर्कता
मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद बिहार में निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। अग्निशमन विभाग ने राज्य के निजी अस्पतालों को बिजली व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्र जमा करने का निर्देश दिया है।
फिलहाल, सात लोगों की मौत के बाद यह मामला केवल एक अस्पताल हादसा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। अब सबकी निगाह जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


