भागलपुर| भागलपुर व्यवहार न्यायालय में सोमवार (9 फरवरी 2026) को सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। एक धमकी भरे ईमेल ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में जज के चैंबर और वॉशरूम में बम रखा गया है।
1. 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, कोना-कोना खंगाला
एसएसपी प्रमोद कुमार ने तुरंत एक्शन लेते हुए बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया।
- जांच: करीब 4 घंटे तक कोर्ट परिसर का चप्पा-चप्पा छाना गया।
- नतीजा: जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। परिसर में कोई भी आपत्तिजनक सामान या विस्फोटक नहीं मिला। पुलिस ने इसे अफवाह (Hoax) करार देते हुए सुरक्षा सर्टिफिकेट जारी किया, जिसके बाद न्यायिक कार्य फिर से शुरू हो सका।
2. मेल में ISI और तमिलनाडु का जिक्र
एसएसपी ने बताया कि धमकी देने वाले ने मेल में मामले को तमिलनाडु और आतंकी संगठन ISI से जोड़ने की कोशिश की थी।
- मकसद: शुरुआती जांच में यह केवल दहशत फैलाने की साजिश लग रही है। पुलिस को इन लिंक्स का कोई सबूत नहीं मिला है।
- एक्शन: पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और साइबर सेल मेल भेजने वाले की तलाश कर रही है। बता दें कि इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी तरह का मेल आया था।
3. वकीलों का गुस्सा: “हम खतरा हैं क्या?”
जांच के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं और क्लाइंट्स को तो बाहर निकाल दिया, लेकिन कोर्ट कर्मियों को अंदर ही रहने दिया। इस पर DBA (जिला अधिवक्ता संघ) ने कड़ी आपत्ति जताई।
- विरोध: महासचिव अंजनी कुमार ने कहा, “कोर्ट स्टाफ अंदर मजे से बैठा रहा और वकीलों को धक्के देकर बाहर कर दिया गया। क्या वकीलों से सुरक्षा को खतरा है?”
- सहयोग: हालांकि, अध्यक्ष वीरेश मिश्रा ने कहा कि वकीलों ने सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग किया।
4. रेलवे स्टेशन पर भी अलर्ट
कोर्ट में धमकी के बाद भागलपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
- मीटिंग: आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के थानेदारों ने सोमवार को बैठक कर स्टेशन और आसपास के इलाकों में गश्त तेज करने का फैसला लिया है।


