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उद्धव ठाकरे को एक और झटका, जिसे बनाया दूत, शिंदे गुट में हुए शामिल

ByShailesh Kumar

Jun 24, 2022

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार पर संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। शिवसेना की सहयोगी पार्टियों के बयान से लगता है कि उनके सामने भी कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। शिवसेना को तब एक और झटका लगा जब उद्धव ठाकरे के करीबी रवींद्र फाटक भी बागी विधायकों के साथ मिल गए। मिलिंद नार्वेकर और रवींद्र फाटक को उद्धव ठाकरे ने दूत बनाकर सूरत भेजा था। रवींद्र विधायक नहीं हैं बल्कि एमएलसी हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि उद्धव को अभी और बड़े झटके लग सकते हैं। बताया जा रहा है कि फाटक के साथ दो विधायक संजय राठौड़ और दादाजी भूसे भी गुवाहाटी रवाना हो गए।

करीबियों के विरोधी खेमे में जाने से उद्धव ठाकरे के सामने संकट गहराता जा रहा है। हालत यह है कि मुख्यमंत्री के पास उनकी पार्टी के केवल 13 विधायक ही बचे हैं। कहा जा रहा है कि गुवाहाटी के होटल में एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के 42 विधायक हैं। इसी बीच कांग्रेस ने भी पार्टी की बैठक की। मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस सियासी संकट के लिए भाजपा जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपनी प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को जिताने के लिए भाजपा यह चाल चल रही है। खड़गे ने कहा कि भाजपा यही काम कर्नाटक में भी कर चुकी है। वहीं एकनाथ शिंदे के गुट ने सूरत से वापस लौटे नितिन देशमुख का फोटोग्राफ भी जारी किया। शिंदे गुट की तरफ से दावा किया गया कि किसी को भी जबरदस्ती नहीं ले जाया गया। बल्कि जब नितिन देशमुख ने मुंबई जाने की इच्छा व्यक्त की गई तो उन्हें भेज दिया गया।

शिवसेना ने की काउंटर अटैक की तैयारी

महाविकास अघाड़ी की सरकार कुर्सी बचाने की कोशिश में लगी हुई है। इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने बागी विधायकों में से 15 को अयोग्य ठहराने की अपील की है। पहले शिंदे को विधायक नेता पद से हटाने की मांग की गई थी। हालांकि शिंदे गुट मजबूत है क्योंकि दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए उन्होंने शिवसेना के आवश्यक 37 विधायक जुटा लिए हैं। दो और बागी विधायकों के शामिल होते ही शिंदे गुट और मजबूत हो गया है।