मुंबई/नई दिल्ली | 26 फरवरी, 2026: रिलायंस समूह (ADAG) के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के आलीशान पाली हिल इलाके में स्थित उनके 17 मंजिला आवास ‘एबोड’ (Abode) को कुर्क कर लिया है。 इस संपत्ति की कीमत ₹3,716.83 करोड़ आंकी गई है。 यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई है。
‘एबोड’: ऐश्वर्य का प्रतीक अब कानून के घेरे में
अनिल अंबानी का यह घर मुंबई के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में शुमार है।
- भव्य संरचना: यह बंगला 66 मीटर (216 फीट) ऊंचा है और इसमें 17 फ्लोर हैं。
- कुल कुर्की: इस नई कार्रवाई के साथ ही, अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब ₹15,700 करोड़ से अधिक हो गया है。
- PMLA के तहत एक्शन: ED के विशेष कार्य बल (मुख्यालय) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है。
क्यों हुई कार्रवाई? ‘RiseE Trust’ और ₹40,000 करोड़ का कर्ज
ED की जांच में इस कुर्की के पीछे एक गहरी ‘कॉर्पोरेट साजिश’ का खुलासा हुआ है:
- बैंक धोखाधड़ी: RCom और उसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से कर्ज लिया था, जिसमें से लगभग ₹40,185 करोड़ बकाया हैं。
- लीगल शील्ड की कोशिश: जांच में पता चला कि अनिल अंबानी ने ‘एबोड’ और अन्य संपत्तियों को ‘RiseE Trust’ (एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट) में स्थानांतरित कर दिया था。
- ED का दावा: एजेंसी के अनुसार, यह पुनर्गठन इसलिए किया गया ताकि कागजों पर यह लगे कि अनिल अंबानी का इस संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है और इसे बैंकों की रिकवरी (पर्सनल गारंटी) से बचाया जा सके。
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और आज पूछताछ
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में जताई गई गंभीर चिंता के बाद हुई है।
- SIT का गठन: प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जांच में “अस्पष्टीकृत देरी” पर सवाल उठाए थे और ED को SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का निर्देश दिया था。
- आज होगी पूछताछ: अनिल अंबानी आज (26 फरवरी) दूसरे दौर की पूछताछ के लिए ED के समक्ष पेश हो सकते हैं。 इससे पहले अगस्त 2025 में भी उनका बयान दर्ज किया गया था。
VOB का नजरिया: अर्श से फर्श तक की दास्तां
एक समय दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल रहे अनिल अंबानी के लिए उनका घर कुर्क होना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि एक बड़ी प्रतिष्ठा की हानि है। यह मामला सबक है कि जब सार्वजनिक बैंकों का पैसा ‘बैड लोन’ (NPA) बनता है, तो कानून के हाथ कितने भी ऊंचे रसूख तक पहुँच सकते हैं। अब सबकी नजरें आज होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


