समाचार के मुख्य बिंदु: बाहुबली विधायक के सुर में बदला बिहार का सियासी गणित
- बड़ा धमाका: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बताया।
- उत्तराधिकारी पर मुहर: अनंत सिंह ने कहा— निशांत कुमार पढ़े-लिखे, ईमानदार और बेहतरीन व्यक्तित्व के मालिक हैं; उनके अलावा कोई और विकल्प नहीं।
- बड़ा संकल्प: “अगर नीतीश कुमार आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो मैं भी मैदान में नहीं उतरूंगा”; अपनी जगह बेटे को चुनावी अखाड़े में उतारने की कही बात।
- पुरानी रंगत: बिहार शरीफ पहुँचे अनंत सिंह का ‘शेर आया’ के नारों से स्वागत; मूंछों पर ताव देते हुए विरोधियों को दिया कड़ा संदेश।
- दिल्ली दौरा: नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की अटकलों पर कसा तंज— “दिल्ली कोई विदेश नहीं है, आना-जाना तो लगा रहता है।”
- VOB इनसाइट: अनंत सिंह का यह बयान जदयू के भीतर और बाहर ‘उत्तराधिकार’ की जंग में एक नया मोड़ ला सकता है।
बिहार शरीफ | 25 मार्च, 2026
बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर ‘छोटे सरकार’ यानी अनंत सिंह ने आज नालंदा की धरती से एक ऐसा सियासी बम फोड़ा है, जिसकी गूँज पटना से दिल्ली तक सुनाई दे रही है। बुधवार की शाम बिहार शरीफ पहुँचे मोकामा विधायक ने साफ कर दिया कि भविष्य की राजनीति में वे किसके साथ खड़े हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अनंत सिंह ने पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य पर खुलकर अपनी राय रखी और उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी का असली हकदार बताया।
मूंछों पर ताव और समर्थकों का शोर: बिहार शरीफ में ‘छोटे सरकार’ का जलवा
अनंत सिंह जब बिहार शरीफ पहुँचे, तो नजारा किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। उनके समर्थकों ने ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया’ के गगनभेदी नारों के साथ उनका इस्तकबाल किया। विधायक अनंत सिंह भी अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए; गाड़ी से उतरते ही उन्होंने अपनी मूंछों पर ताव दिया और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए राज्य की वर्तमान राजनीतिक अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया।
निशांत कुमार का समर्थन और राजनीतिक उत्तराधिकार की मांग
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार के बाद अगर कोई बिहार को सही दिशा में ले जा सकता है, तो वह उनके बेटे निशांत कुमार हैं। उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखते हुए निम्नलिखित तर्क दिए:
- योग्यता और सादगी: अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार उच्च शिक्षित हैं और उनकी छवि बेहद साफ-सुथरी है। बिहार को एक ऐसे ही युवा और ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है।
- भ्रम का खंडन: उन्होंने उन सभी संभावनाओं को बेबुनियाद बताया जिनमें अन्य नेताओं के नामों की चर्चा सीएम पद के लिए की जा रही है। उनके अनुसार, उत्तराधिकार का सबसे स्वाभाविक और श्रेष्ठ विकल्प निशांत ही हैं।
- व्यक्तिगत निष्ठा: यह बयान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनकी गहरी निष्ठा और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है।
बेटे की लॉन्चिंग और खुद के सन्यास का ‘मास्टर स्ट्रोक’
प्रेस से मुखातिब होते हुए अनंत सिंह ने अपनी निजी राजनीतिक योजना का भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उनकी राजनीति नीतीश कुमार के साथ शुरू हुई थी और उन्हीं के साथ खत्म होगी।
- चुनावी शर्त: अनंत सिंह ने घोषणा की कि यदि नीतीश कुमार अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो वे खुद भी चुनावी मैदान से हट जाएंगे।
- नई पीढ़ी का आगाज: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सन्यास की स्थिति में उनकी जगह उनका बेटा चुनाव लड़ेगा। यह पहली बार है जब अनंत सिंह ने अपने बेटे को चुनावी राजनीति में उतारने का सार्वजनिक ऐलान किया है।
- नीतीश के दिल्ली दौरे पर चुटकी: जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री दिल्ली में कोई बड़ा पद संभालने जा रहे हैं, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि दिल्ली कोई पराया देश नहीं है, वहां लोग काम से आते-जाते रहते हैं, इसे बेवजह तूल नहीं देना चाहिए।
VOB का नजरिया: क्या यह निशांत कुमार की ‘पॉलिटिकल लॉन्चिंग’ की तैयारी है?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि अनंत सिंह का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि बिहार की भावी राजनीति का एक संकेत भी हो सकता है।
- जदयू के भीतर संकेत: अनंत सिंह जैसे कद्दावर नेता का निशांत कुमार के नाम को आगे बढ़ाना पार्टी के भीतर अन्य दावेदारों के लिए एक चुनौती की तरह है।
- सहानुभूति और साख: निशांत कुमार की ‘लो-प्रोफाइल’ जीवनशैली और ईमानदारी को भुनाकर जदयू एक नया ‘क्लीन बिहार’ कार्ड खेल सकती है।
- अगली पीढ़ी का उदय: लालू परिवार की तरह अब नीतीश परिवार की अगली पीढ़ी को लेकर भी बिहार में बहस तेज हो गई है। अनंत सिंह ने अपने बेटे के नाम का जिक्र कर यह भी साफ कर दिया है कि बिहार में अब ‘युवा राजनीति’ का दौर आने वाला है।
बिहार शरीफ से पटना तक हलचल
अनंत सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्या वाकई निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे? या अनंत सिंह का यह बयान केवल नीतीश कुमार के प्रति अपना समर्थन जताने का एक तरीका है? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इन तमाम सवालों और बिहार की राजनीति में होने वाले हर नए बदलाव की पल-पल की अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


