पटना/मोकामा। बिहार की राजनीति में मोकामा का नाम आते ही अनंत सिंह की चर्चा होना तय है। भले ही वे अब एनडीए के साथ कदमताल करते दिखाई देते हों, लेकिन क्षेत्र में उनका जनाधार और प्रभाव आज भी बेहद मजबूत माना जाता है।
इसी बीच 14 नवंबर को होने वाले भव्य भोज और सभा को लेकर उनके समर्थकों में खासा उत्साह है। आयोजन के निमंत्रण पत्र में “जय अनंत सिंह जी” का उल्लेख भी उनके मजबूत स्थानीय प्रभाव का संकेत देता है।
अनंत सिंह समर्थकों की मौन सक्रियता, एनडीए की नजरें भी टिकीं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन न सिर्फ समर्थकों की ताकत का प्रदर्शन होगा, बल्कि अनंत सिंह की क्षेत्रीय पकड़ और उनकी प्रासंगिकता का भी इशारा है।
एनडीए इस कार्यक्रम को लेकर सतर्क और उत्साहित दोनों है, क्योंकि इसमें विभिन्न गुटों और सामाजिक वर्गों की भागीदारी होने की संभावना है।
14 नवंबर को होगा भव्य आयोजन — ‘मोकामा विधानसभा परिवार’ का जुटान
आयोजन समिति के मुताबिक, कार्यक्रम 14 नवंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा, जो बाल दिवस भी है।
इस अवसर पर:
- मोकामा विधानसभा परिवार को एकजुट करने की कोशिश
- भविष्य की राजनीतिक दिशा पर रणनीतिक चर्चा
- नेताओं के संबोधन
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- संगठनात्मक योजनाओं पर विमर्श
जैसे प्रमुख कार्यक्रम शामिल होंगे।
यह आयोजन मोकामा के आगे के राजनीतिक समीकरणों को समझने में अहम साबित हो सकता है।
कार्यकर्ताओं और जनता में उत्साह का माहौल
न्योता जारी होते ही मोकामा इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं:
“मोकामा परिवार एकजुट है, एनडीए संग मजबूत है।”
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सभा आगामी चुनाव की दिशा और अनंत सिंह की राजनीतिक भूमिका तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
एनडीए का संदेश — कार्यकर्ता ‘परिवार’ हैं
निमंत्रण पत्र में लिखा है:
“आपका आगमन हमारा सम्मान होगा।”
यह वाक्य एनडीए की उस रणनीति को उजागर करता है जिसके तहत वह कार्यकर्ताओं को सिर्फ राजनीतिक सहयोगी नहीं बल्कि ‘परिवार का हिस्सा’ बताकर संगठनात्मक मजबूती दिखाना चाहती है।


