पटना | 10 मार्च, 2026 : बिहार की राजनीति से आज एक दुखद खबर सामने आई है। अस्थावां एवं सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्रों के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता सतीश कुमार का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सतीश कुमार के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
एक कुशल राजनेता और समाजसेवी का अंत
सतीश कुमार की पहचान केवल एक विधायक के रूप में नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े एक संवेदनशील समाजसेवी के तौर पर थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नालंदा के अस्थावां और लखीसराय के सूर्यगढ़ा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री का शोक संदेश:
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपने संदेश में सतीश कुमार के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया।
”सतीश कुमार जी एक अत्यंत कुशल राजनेता एवं समर्पित समाजसेवी थे। उनका पूरा जीवन जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। उनके निधन से न केवल उनके क्षेत्र को, बल्कि संपूर्ण बिहार के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र को ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।” — श्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
शोक की लहर और प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। साथ ही, उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उन्हें धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
VOB का नजरिया: याद किए जाएंगे सतीश कुमार
सतीश कुमार जैसे नेताओं का जाना बिहार की उस पुरानी पीढ़ी के राजनेताओं के युग का अंत है, जो जनता के बीच रहकर राजनीति करना जानते थे। दो अलग-अलग क्षेत्रों (अस्थावां और सूर्यगढ़ा) से प्रतिनिधित्व करना उनकी लोकप्रियता और जन-स्वीकार्यता का प्रमाण था। उनकी कमी न केवल उनके दल को, बल्कि उन लाखों लोगों को खलेगी जिनके हक की आवाज उन्होंने सदन में उठाई थी।


