
समाचार के मुख्य बिंदु: किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार युद्धस्तर पर सक्रिय
- ग्लोबल क्राइसिस और बिहार: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव के बावजूद बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित कर लिया है।
- कड़ा संदेश: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
- बड़ी कार्रवाई: वर्ष 2025-26 में अब तक 116 प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है और 454 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
- पर्याप्त भंडारण: राज्य में यूरिया (2.63 लाख टन) और डीएपी (1.43 लाख टन) समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का भारी स्टॉक मौजूद है।
- नया सुरक्षा तंत्र: जैविक खेती और खाद की निगरानी के लिए जिला स्तर पर “धरती माता बचाओ निगरानी समिति” के गठन का निर्देश दिया गया है।
- तस्करी पर रोक: अंतरराष्ट्रीय सीमा (नेपाल बॉर्डर) पर उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ मिलकर विशेष छापेमारी दल सक्रिय रहेंगे।
पटना | 28 मार्च, 2026
दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया के संकट के बीच बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राज्य में खाद की उपलब्धता की पुष्टि की है। मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देश दिया है कि किसान का हक छीनने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों के पसीने से कोई समझौता नहीं: मंत्री का कड़ा रुख
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलों और जिलों के कृषि अधिकारी शामिल हुए। मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसान अगर खेत में चिंता मुक्त रहेगा, तभी बिहार की कृषि और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निगरानी के सख्त निर्देश:
- चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग: मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक उर्वरक के भंडारण और वितरण पर पैनी नजर रखी जा रही है।
- उड़नदस्ता दल: मुख्यालय स्तर पर गठित फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्ता) जिलों में औचक निरीक्षण कर रहा है। शिकायत मिलते ही तत्काल छापेमारी की जाएगी।
- पॉस मशीन मिलान: डीलरों की पॉस (PoS) मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान अनिवार्य कर दिया गया है।
आंकड़ों में उर्वरक की उपलब्धता (28.03.2026 तक)
राज्य सरकार ने वर्तमान स्टॉक की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की है ताकि किसान किसी भी प्रकार की अफवाह का शिकार न हों:
- यूरिया: 2.63 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी (DAP): 1.43 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके (NPK): 2.07 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी (MOP): 0.39 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी (SSP): 1.02 लाख मीट्रिक टन
तस्करों और कालाबाजारियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। अब तक 116 प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज हुई है और 454 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के लिए इस सरकार में कोई जगह नहीं है।
सीमावर्ती जिलों के लिए विशेष रणनीति:
नेपाल से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी एक बड़ी चुनौती रही है। इसके समाधान के लिए मंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। सीमा पर विशेष छापेमारी दल तैनात किए गए हैं ताकि बिहार के किसानों का हक दूसरे देशों में न जा सके।
तकनीक और जागरूकता: किसानों के लिए डिजिटल समाधान
बैठक में किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
- बिहार कृषि मोबाइल ऐप: कृषि निदेशक ने बताया कि किसान इस ऐप के जरिए अपने घर बैठे नजदीकी खाद दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- धरती माता बचाओ समिति: संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर नई निगरानी समितियां काम करेंगी।
VOB का नजरिया: सुशासन और किसान कल्याण
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि खाद की उपलब्धता पर यह पारदर्शी रिपोर्ट समय की मांग थी।
- अफवाहों पर विराम: अंतरराष्ट्रीय युद्धों के समय अक्सर खाद की किल्लत की अफवाहें उड़ाई जाती हैं ताकि कालाबाजारी को बढ़ावा मिले। सरकार द्वारा जारी विस्तृत आंकड़े इस भ्रम को तोड़ेंगे।
- सख्ती का संदेश: लाइसेंस रद्द करने और एफआईआर की संख्या यह दर्शाती है कि कृषि विभाग केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर सक्रिय है।
- जवाबदेही: अब जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारियों की है कि वे प्रखंडवार खाद का आवंटन क्षेत्रफल और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
सरकार की दो टूक – किसान का हक सर्वोपरि
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार किसान कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) खाद की वितरण प्रक्रिया, छापेमारी की नई खबरों और आपके जिले में खाद की उपलब्धता की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


