LPG संकट के बीच बिहार का बड़ा फैसला: अब पाइप से घर-घर पहुंचेगी गैस, 24 घंटे में मिलेगा PNG कनेक्शन

बिहार में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। अब लोगों को सिलेंडर पर निर्भर रहने की बजाय पाइप के जरिए सीधे घर तक गैस (PNG) उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इस योजना को तेज़ी से लागू करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं, जिससे लाखों परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

18 जिलों में तेजी से बढ़ेगा PNG नेटवर्क

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में 18 जिला मुख्यालयों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा को तेज़ी से विस्तार दिया जाएगा। इनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बेगूसराय, नालंदा, सारण, समस्तीपुर, भोजपुर, पूर्णिया, रोहतास समेत कई प्रमुख जिले शामिल हैं।

इन जिलों में पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर अब बड़ी संख्या में नए कनेक्शन देने की तैयारी है। वर्तमान में करीब एक लाख घरों तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंच रही है, जिसे जल्द और बढ़ाया जाएगा।

24 घंटे में मिलेगा नया कनेक्शन

सरकार और गैस वितरण कंपनियों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

  • 75 हजार से ज्यादा कनेक्शन 24 घंटे के भीतर देने की तैयारी
  • 70 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को एक सप्ताह में कनेक्शन देने की क्षमता

इस फैसले से स्पष्ट है कि योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है।

सिलेंडर से मुक्ति, सुरक्षित और सस्ती गैस

PNG को एलपीजी का बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इसके कई फायदे हैं:

  • गैस सीधे पाइपलाइन से घर तक पहुंचेगी
  • सिलेंडर बदलने की झंझट खत्म
  • गैस लीकेज का खतरा कम
  • खर्च भी अपेक्षाकृत कम

इससे उपभोक्ताओं को सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा भी मिलेगी।

Screenshot 20260321 200455 Google

24 घंटे में मिलेगी अनुमति, काम होगा तेज

सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है। अब गैस कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने और प्लांट लगाने के लिए जरूरी अनुमति 24 घंटे के भीतर देनी होगी।
अगर तय समय में अनुमति नहीं मिलती, तो इसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी खत्म होने की उम्मीद है।

दिन-रात होगा काम, तेजी से बिछेगी पाइपलाइन

गैस कंपनियों को 24 घंटे काम करने की अनुमति दी गई है। यानी अब दिन-रात पाइपलाइन बिछाने और अन्य निर्माण कार्य किए जा सकेंगे।
हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में स्थानीय निकाय लिखित रूप से रोक लगा सकते हैं।

जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी राहत

सरकार ने यह भी तय किया है कि गैस वितरण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन आसानी से उपलब्ध कराई जाएगी।

  • सरकारी जमीन सांकेतिक दर पर दी जाएगी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग की अनुमति, खर्च कंपनियों को उठाना होगा

इससे परियोजनाओं को जमीन स्तर पर तेजी मिलेगी।

LPG संकट का स्थायी समाधान बनने की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिहार में एलपीजी संकट का बड़ा समाधान साबित हो सकता है।
PNG के विस्तार से न केवल गैस की उपलब्धता बेहतर होगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिहाज से भी अधिक स्वच्छ ऊर्जा विकल्प है।

आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

सरकार की इस पहल से आने वाले समय में लाखों परिवारों को फायदा होगा। रसोई गैस अब अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध हो सकेगी।

कुल मिलाकर, बिहार में PNG योजना का विस्तार राज्य को आधुनिक ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना सकता है।

  • Related Posts

    बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: खाद्य विभाग में 19 आपूर्ति निरीक्षक और 3 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ट्रांसफर

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    थावे दुर्गा मंदिर में प्रसाद को लेकर विवाद, श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच मारपीट; कई घायल

    Share Add as a preferred…

    Continue reading