भागलपुर, 10 जुलाई 2025:कटिहार जिले स्थित सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जनसुराज पार्टी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर इस कॉलेज पर लंबे समय से अवैध कब्जा जमाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशांत किशोर के निर्देश पर पार्टी प्रवक्ता ने किया खुलासा
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के निर्देश पर भागलपुर में पार्टी प्रवक्ता बाबुल विवेक ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता कर यह मामला सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा:
“यह मेडिकल कॉलेज एक राजनीतिक साजिश के तहत वर्षों से दबोच कर रखा गया है। इस कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई होती है, लेकिन आज तक उसका संचालन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हो पाया है।”
राबड़ी देवी के शासनकाल से चला आ रहा है कब्जा?
बाबुल विवेक ने दावा किया कि यह कब्जा राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा:
“नीतीश कुमार जब सुशासन की बात करते हैं तो यह कैसा सुशासन है, जहां एक शिक्षा संस्थान पर ही कब्जा कर लिया गया हो?”
जांच की निष्पक्षता पर उठाया सवाल
प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकरण की जांच के लिए कटिहार के तत्कालीन एसपी को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन:
“जब उसी एसपी की पत्नी को इस कॉलेज से मेडिकल डिग्री दे दी गई, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
जनसुराज पार्टी की मांग
जनसुराज पार्टी ने मांग की है कि:
- इस मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
- यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए।
भाजपा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले पर भाजपा या प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर तखीकीर और तीखी बहस शुरू हो गई है।
यह मामला सिर्फ एक कॉलेज पर कब्जे का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे व्यापक सवालों से जुड़ा हुआ है, जिसकी सुनवाई अब सियासी गलियारों से लेकर आम जनमानस तक में हो रही है।


