आवास योजना में फोटो के नाम पर ₹500 वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने किया हंगामा; मुखिया से जवाब मांगने पर बढ़ा विवाद

पटना के अथमलगोला प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत का मामला, ग्रामीणों का आरोप—आवास सहायक ने लाभुकों से अवैध रूप से पैसे वसूले

पटना: बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक बार फिर अनियमितता का मामला सामने आया है। पटना जिले के अथमलगोला प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत में योजना के लाभुकों से फोटो खींचने के नाम पर ₹500 की अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांगा।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के वार्ड संख्या 9, भोला स्थान के पास आवास योजना से जुड़े लाभुकों का फोटो लेने का काम चल रहा था। इसी दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि आवास सहायक पप्पू कुमार फोटो खींचने के नाम पर प्रत्येक लाभुक से ₹500 की मांग कर रहे थे। जैसे ही यह बात गांव में फैल गई, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप – कई लोगों से पहले ही लिए जा चुके थे पैसे

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के कई लाभुकों से पहले ही पैसे वसूल लिए गए थे। जब अन्य लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

गांव के ही रामलगन देव ने बताया कि आवास सहायक अपने साथ कुछ युवकों को लेकर घूम रहे थे और उन्हीं के माध्यम से लाभुकों से पैसे की वसूली कराई जा रही थी। उन्होंने कहा कि दर्जनों लोगों से फोटो के नाम पर पैसे लिए गए हैं, जो पूरी तरह गलत है।

मुखिया पर भी लगे आरोप

ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया नगीना प्रसाद गुप्ता पर भी गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि आवास सहायक यह काम मुखिया के इशारे पर कर रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया की जानकारी में ही यह पूरा खेल चल रहा था।

जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने मुखिया को मौके पर बुलाकर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक ग्रामीणों ने मुखिया को बैठाकर इस मुद्दे पर जवाब मांगा। हालांकि कुछ देर बाद वह वहां से चले गए और उसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।

महिला लाभुकों ने भी लगाए आरोप

पंचायत की सरिता देवी और उर्मिला देवी ने भी आरोप लगाया कि उनसे भी आवास योजना के फोटो के नाम पर ₹500 लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों से इस तरह पैसे लेना गलत है और इसकी जांच होनी चाहिए।

वार्ड सदस्यों ने भी उठाए पंचायत की कार्यशैली पर सवाल

मामले के दौरान पंचायत के वार्ड सदस्य मिथिलेश कुमार और वार्ड सदस्य प्रतिनिधि बबलू कुमार ने भी पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंचायत में विकास कार्यों को लेकर वार्ड सदस्यों की राय नहीं ली जाती है।

उनका आरोप है कि पंचायत में नाली-गली निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाने और अन्य विकास कार्य बिना किसी बैठक के कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकें भी नियमित रूप से नहीं होती हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों की भूमिका सीमित हो गई है।

प्रखंड प्रशासन ने मांगा स्पष्टीकरण

इस पूरे मामले की जानकारी ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजेश कुमार को फोन के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है और पंचायत के आवास सहायक पप्पू कुमार तथा मुखिया नगीना प्रसाद गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को लिखा जाएगा। साथ ही यदि ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

वहीं प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि राज किशोर सिंह ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि गरीब लाभुकों से इस तरह पैसे की वसूली करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी विभाग को दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गरीब लाभुक के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।

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