भारत में बनी एक और कफ सिरप को लेकर अलर्ट! विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया जानलेवा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में बनी एक और कफ सिरप को जानलेवा बताते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। इस कफ सिरप को लेकर इराक की ओर से आपत्ति जताई गई थी। पिछले 10 महीने में पांचवीं बार किसी भारतीय दवाई पर बैन लगाया जा सकता है।

भारत में बनी ‘फ सिरप ‘कोल्ड आउट’ को लेकर अलर्ट जारी

WHO ने अपने बयान में कहा कि इराक की एक थर्ड पार्टी ने भारत में बनी कफ सिरप कोल्ड आउट (पैरासीटामाॉल और क्लोरेफेनिरामिन मालियट) को लेकर हमें जानकारी दी है। इस कफ सिरप की गुणवत्ता खराब है और यह सेहत के लिए खतरनाक है।इस कफ सिरप को तमिलनाडु की Fourrts (INDIA) लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड बनाती है। इसकी प्रोडक्शन यूनिट महाराष्ट्र में है। इस कफ सिरप का इस्तेमाल जुकाम के लक्षणों और एलर्जी से राहत पाने के लिए किया जाता है।

डाइथाइलीन ग्लाइकोइल की मात्रा लिमिट से ज्यादा पाई गई

WHO की तरफ से बताया गया कि इस कफ सिरप का लैब एनालिसिस कराया गया। सैंपल में डाइथाइलीन ग्लाइकोइल की मात्रा ज्यादा मिली जो सेहत के लिए काफी हानिकारक है। वहीं एथाइलीन ग्लाइकोल की मात्रा भी लिमिट से ज्यादा पाई गई है।  डाइथाइलीन ग्लाइकोइल और एथाइलीन ग्लाइकोल जहरीला होता है और इसकी ज्यादा मात्रा जानलेवा साबित हो सकती है।

बच्चों की मौत का कारण बन सकती है यह दवा

WHO ने कहा कि इराक में जो कफ सिरप पाई गई है वह सब स्टैंडर्ड है और सेहत के लिए खतरनाक है। खासकर बच्चों के लिए यह दवा मौत का कारण भी बन सकती है। इस दवा को लेने के बाद पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, पेशाब रुकना, सिरदर्द, किडनी इंजरी जैसे बुरे प्रभाव देखने को मिलते हैं। WHO की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया गया है कि अगर आप इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं तो तत्काल बंद कर दीजिए।

देश में कई दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई

बता दें कि गांबिया और उज्बेकिस्तान में घटिया दवाओं के कारण लोगों की मौत होने या बीमार होने की खबरों के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्य अथॉरिटी के साथ मिलकर फार्मा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने खांसी के सीरप की निर्यात नीति में संशोधन के लिए इस साल 22 मई को अधिसूचना जारी की  थी। इसके तहत कफ सिरप का निर्माण करनेवाली इकाइयों के लिए अपने उत्पादों का निर्यात करने से पहले किसी सरकारी मान्यताप्राप्त प्रयोगशला से विश्लेषण प्रमाणपत्र प्राप्त करना एक जून से अनिवार्य बना दिया।

  • Related Posts

    ‘वेद नहीं मानोगे तो बच्चे जावेद-नावेद बनेंगे’—बागेश्वर बाबा के बयान से मचा बवाल

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    आईआरसीटीसी घोटाला मामला, लालू–तेजस्वी को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं, ट्रायल पर रोक से इनकार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *