द वॉयस ऑफ बिहार | पटना/भागलपुर (18 फरवरी 2026)
बिहार में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। पटना के रूपसपुर (IAS कॉलोनी) में बुधवार को 50 बेड की क्षमता वाले आधुनिक छात्रावास ‘आकांक्षा’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान यह घोषणा भी की गई कि पटना और मुजफ्फरपुर की सफलता के बाद अब भागलपुर, गयाजी और दरभंगा में भी जल्द ही ऐसे छात्रावास खोले जाएंगे।
‘अपना घर’ जैसी सुविधाएं, रहना बिल्कुल निशुल्क
मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत संचालित इस छात्रावास का उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान करना है जो अपने घर से दूर दूसरे शहरों में नौकरी कर रही हैं।
- निशुल्क आवास: छात्रावास में रहने के लिए कोई किराया (Rent) नहीं देना होगा।
- किफायती भोजन: शुद्ध और पौष्टिक भोजन के लिए केवल 3000 रुपये प्रति माह का शुल्क देना होगा।
- पात्रता: वैसी महिलाएं जिनकी मासिक आय 75 हजार रुपये तक है, वे यहाँ रहने के लिए पात्र होंगी।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस है 4 मंजिला परिसर
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने बताया कि इसे ‘अपना घर’ की तर्ज पर तैयार किया गया है। छात्रावास में सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है:
- सुरक्षा: 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी और सुरक्षाकर्मी।
- सुविधाएं: बेड, पर्सनल लॉकर, टेबल-कुर्सी, शुद्ध आरओ वाटर और मुफ्त वाई-फाई।
- रसोई: चार मंजिला भवन के प्रत्येक तल पर दो किचन दिए गए हैं, जिनका उपयोग महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार कर सकती हैं।
- स्टाफ: छात्रावास के सुचारू संचालन के लिए अधीक्षक, रसोइया और सहायक कर्मियों की नियुक्ति की गई है।
आवेदन और चयन की प्रक्रिया: ‘पहले आओ, पहले पाओ’
हॉस्टल में रहने के इच्छुक महिलाओं को ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा:
- आवेदन: महिला एवं बाल विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
- प्राथमिकता: चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा।
- काउंसलिंग: आवेदन के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसमें दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- जरूरी दस्तावेज: नियुक्ति पत्र (Appointment Letter), पे-स्लिप, पहचान पत्र और स्थानीय अभिभावक का विवरण देना अनिवार्य होगा।
द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
अक्सर देखा जाता है कि छोटे शहरों से नौकरी के लिए बड़े शहरों में आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। सरकार की यह ‘आकांक्षा’ पहल न केवल उनकी जेब पर बोझ कम करेगी, बल्कि एक सुरक्षित वातावरण भी देगी। भागलपुर, दरभंगा और गयाजी जैसे शहरों में इसका विस्तार होना बिहार के शहरीकरण और महिला वर्कफोर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।


