गया | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद शुक्रवार को मोक्षधाम गयाजी में उनकी आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान किए गए। मुंबई से आए वरिष्ठ एनसीपी नेता राणा रणजीत सिंह और बिहार प्रदेश के पदाधिकारियों ने पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान और तर्पण किया।
फल्गु में अस्थि विसर्जन, दी गई श्रद्धांजलि
शुक्रवार को गया पहुंचे एनसीपी नेताओं की आंखें नम थीं।
- कर्मकांड: राणा रणजीत सिंह ने फल्गु नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दिवंगत नेता का पिंडदान किया।
- अस्थि प्रवाह: इसके बाद अजित पवार की अस्थियों को मोक्षदायिनी फल्गु नदी में प्रवाहित (विसर्जित) किया गया।
- प्रार्थना: उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और इसे राजनीति व समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
“जब भी आते थे, बिहार की बात करते थे”
श्रद्धांजलि सभा के दौरान नेताओं ने अजित पवार से जुड़े संस्मरण साझा किए।
- नेताओं ने कहा कि अजित पवार का बिहार से विशेष लगाव था।
- वे जब भी बिहार दौरे पर आते थे, तो यहां के विकास और लोगों के बारे में ही बात करते थे।
देश भर की नदियों में होगा विसर्जन
एनसीपी नेताओं ने बताया कि दिवंगत नेता की अस्थि कलश यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों में जाएगी। उनकी अस्थियों को देश की प्रमुख पवित्र नदियों और तीर्थ स्थलों पर विसर्जित किया जाएगा, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके। इसी कड़ी में आज गयाजी में यह अनुष्ठान संपन्न हुआ।


