​’अजब प्रेम की गजब कहानी’: पहले ‘सैयां’ को छोड़ दामाद संग भागी, अब 10 महीने बाद दामाद से भरा मन तो बहनोई के साथ हुई फरार

  • अलीगढ़ की महिला का ‘दिल’ फिर डोला; 10 महीने पहले होने वाले दामाद राहुल के साथ भागकर बिहार के सीतामढ़ी में रह रही थी
  • अब दामाद को छोड़ अपने जीजा (बहनोई) के संग रफूचक्कर; प्रेमी दामाद ने पुलिस में लगाई गुहार, कहा- ‘बहला-फुसला कर ले गया’
  • बच्चों से संपर्क साधने की कोशिश; यूपी से बिहार तक पुलिस कर रही तलाश

द वॉयस ऑफ बिहार (डेस्क/अलीगढ़/सीतामढ़ी)

​कहते हैं ‘जिसका मन डोले, उसका घर न होले’। यह कहावत यूपी के अलीगढ़ की एक महिला पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है। रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाली इस महिला ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है, जिसने पुलिस और समाज दोनों को हैरान कर दिया है। अप्रैल 2025 में अपने पति को छोड़कर ‘होने वाले दामाद’ के साथ भागने वाली यह महिला अब 10 महीने बाद उसी दामाद को धोखा देकर अपने बहनोई (जीजा) के साथ फरार हो गई है।

सीतामढ़ी में रह रही थी ‘दामाद’ के साथ

​मामला यूपी के अलीगढ़ जिले के मडराक क्षेत्र का है, लेकिन इसकी तारें बिहार से जुड़ी हैं।

  • फ्लैशबैक: अप्रैल 2025 में यह महिला अपनी बेटी के मंगेतर (होने वाले दामाद) राहुल के साथ फरार हो गई थी। उस वक्त भी यह मामला खूब सुर्खियों में रहा था। पुलिस ने दोनों को पकड़ा और काउंसलिंग की, लेकिन वे साथ रहने पर अड़े रहे और बिहार चले आए।
  • बिहार कनेक्शन: सूत्रों के मुताबिक, दामाद राहुल के साथ भागने के बाद महिला बिहार के सीतामढ़ी जिले में पहचान छिपाकर रह रही थी।

अब बहनोई पर आया दिल

​10 महीने तक दामाद के साथ रहने के बाद महिला का मन वहां से भी भर गया।

  • ताजा मामला: अब खबर है कि महिला अपने बहनोई के साथ फरार हो गई है। राहुल (प्रेमी/दामाद) का आरोप है कि महिला का बहनोई उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
  • लोकेशन: बताया जा रहा है कि दोनों फिलहाल बिहार के ही किसी जिले में छिपे हुए हैं।

बच्चों को किया फोन, लौटना चाहती है वापस?

​परिजनों ने इस संबंध में थाने में तहरीर दी है। जांच में एक नया मोड़ यह आया है कि महिला ने हाल ही में अपने बच्चों से संपर्क किया था। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अपने बहनोई के माध्यम से दोबारा बच्चों के पास लौटना चाहती है।

​फिलहाल, पुलिस सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वासना के आगे रिश्तों की कोई अहमियत नहीं होती। पहले पति, फिर बेटी का मंगेतर और अब बहनोई—महिला के इस ‘चरित्र’ की चर्चा हर जुबान पर है।

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