
पटना: सर्द हवाओं की वापसी और हवा की गति कम होने के साथ बिहार में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। रविवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी पटना सहित राज्य के कई प्रमुख शहरों की हवा संतोषजनक से लेकर मध्यम प्रदूषित श्रेणी में दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले सप्ताह में अगर वातावरण में हवा की रफ्तार और कम हुई तो हवा की गुणवत्ता और गिर सकती है।
पटना — कई इलाकों में AQI बढ़ा
रविवार को जारी AQI (Air Quality Index) के आंकड़ों के अनुसार राजधानी पटना के अधिकांश हिस्सों में हवा की गुणवत्ता मध्यम प्रदूषित (Moderate) श्रेणी में रही।
| इलाका | AQI |
|---|---|
| गांधी मैदान | 160 |
| दानापुर | 136 |
| तारामंडल | 132 |
| राजवंशी नगर | 123 |
| पटना सिटी | 100 |
इनमें पटना सिटी संतोषजनक श्रेणी में रहा, जबकि अन्य क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता मध्यम प्रदूषित रही।
अन्य जिलों में भी वायु गुणवत्ता गिरने के संकेत
बिहार के कई अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता चिंता बढ़ा रही है।
रविवार को दर्ज AQI:
- कटिहार – 96
- छपरा – 67
- बेतिया – 90
- भागलपुर – 94
- मोतिहारी – 84
- सहरसा – 83
इन सभी शहरों की हवा संतोषजनक श्रेणी में रही, लेकिन प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी के संकेत स्पष्ट हैं।
पटना नगर निगम की कार्रवाई — मुख्य सड़कों पर बढ़ा पानी का छिड़काव
हवा में धूलकणों की अधिकता देखते हुए पटना नगर निगम ने
- मुख्य मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव
- सड़क किनारे सफाई और मिट्टी हटाने का काम
तेज कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार इससे सड़क की धूल उड़ने में कमी आएगी और वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
AQI बढ़ने का वैज्ञानिक कारण — हवा की रफ्तार कम, प्रदूषक वातावरण में फंस गए
मौसम वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार —
✔ हवा की गति कम होने पर धूलकण और प्रदूषक वातावरण में जमा हो जाते हैं, जिससे AQI तेजी से बढ़ता है।
✔ सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से प्रदूषक जमीन के नज़दीक बैठ जाते हैं, हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरती है।
✔ मानसून के बाद वायुमंडल में धूलकणों की मात्रा बढ़ जाती है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में निर्माण और ट्रैफिक के कारण।
विशेषज्ञों ने संवेदनशील लोगों — बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों — को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
आगे क्या? — अगले कुछ दिनों में और बिगड़ सकती है हवा
पर्यावरण वैज्ञानिकों का अनुमान है कि
अगर हवा की गति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में AQI और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुबह-शाम धुंध बढ़ने के दौरान ज्यादा समय बाहर न रहने की सलाह दी है।
बिहार में वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है, और प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि हवा साफ़ करने के लिए अभियान आगे और तेज किया जाएगा।


