Y+ सुरक्षा के बाद बयान पर बढ़ी चर्चा
किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले की अमौर विधानसभा सीट से विधायक और AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने अजान के लिए लाउडस्पीकर के अत्यधिक उपयोग पर आपत्ति जताते हुए मुसलमानों से आवाज की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि अजान का उद्देश्य इबादत का संदेश देना है—शोर पैदा करना नहीं।
अख्तरुल ईमान को AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद का करीबी माना जाता है। ऐसे में उनके बयान को धार्मिक ही नहीं, राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है—खासतौर पर तब, जब हाल ही में उन्हें Y+ सुरक्षा प्रदान की गई है।
“अजान की आवाज की भी एक सीमा होनी चाहिए”
विधायक ने इस्लामी तालीमात का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम में संयम और संतुलन पर जोर है।
- मस्जिद में कोई नमाज अदा कर रहा हो तो तेज आवाज में अजान देना उचित नहीं।
- अजान का मकसद नमाज के समय की सूचना और इबादत की ओर बुलावा है—न कि विवाद।
- आवाज इतनी तेज न हो कि कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दे।
उन्होंने कहा कि उनके मोहल्ले में लगभग 500 मीटर के दायरे से लोग नमाज के लिए आते हैं, फिर भी अजान की आवाज पूरे इलाके में गूंजती है—यह मुनासिब अमल नहीं।
सौहार्द पर जोर
देश के मौजूदा सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए अख्तरुल ईमान ने कहा कि सभी समुदायों को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए। धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ पड़ोस और समाज की सहूलियत का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।


