हर जिले में बनेगा पांच सदस्यीय एआई सेल, अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
पटना: बिहार सरकार प्रशासनिक कामकाज को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 1 अप्रैल 2026 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा। इसके तहत फाइलों के त्वरित निपटारे, निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एआई टूल्स का उपयोग किया जाएगा।
इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव द्वारा सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि तकनीक की मदद से आम लोगों को सरकारी सेवाएं अधिक तेज, सरल और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें।
राजस्व प्रशासन को बनाया जाएगा तकनीकी रूप से मजबूत
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को आधुनिक और जनोन्मुख बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से सरकारी कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि जिलों में एआई सेल के गठन और अधिकारियों को प्रशिक्षण देने से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुव्यवस्थित होंगी और जनता से जुड़े मामलों का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन से प्रेरित पहल
विभागीय पत्र के अनुसार, केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2024 को ‘इंडिया एआई मिशन’ की स्थापना की थी। इस मिशन का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाना, लोक सेवाओं में ऑटोमेशन बढ़ाना और संभावित धोखाधड़ी या कमियों की पहचान करना है।
इसी पहल से प्रेरित होकर बिहार में भी ‘बिहार एआई मिशन’ की शुरुआत की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसके क्रियान्वयन के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। राजस्व विभाग भी अब अपने दैनिक कार्यों में एआई के व्यवस्थित उपयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हर जिले में बनेगा पांच सदस्यीय एआई सेल
राज्य के सभी जिलों में अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एआई सेल का गठन किया जाएगा। इस सेल में जिला आईटी मैनेजर, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी और एक राजस्व अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
यह समिति जिला स्तर पर एआई के उपयोग से जुड़े फैसलों और योजनाओं की समीक्षा करेगी। एआई सेल की बैठक हर शनिवार दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें एआई आधारित कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
एआई के प्रभावी उपयोग के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके तहत एआई से संबंधित पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे और परीक्षा आयोजित की जाएगी। निर्धारित मानक स्तर हासिल करने वाले कर्मचारियों को जिलाधिकारी के आदेश से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
चैट जीपीटी के उपयोग को भी मिलेगा बढ़ावा
राजस्व विभाग ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि विभागीय बैठकों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में मुफ्त एआई सहायक चैट जीपीटी जैसे टूल्स के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। इससे फाइलों के निपटारे, रिपोर्ट तैयार करने और प्रशासनिक कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि एआई तकनीक के उपयोग से ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सकेगा।


