BPSC द्वारा प्लस टू में बहाल होंगे कृषि के शिक्षक; हर जिले में दो-दो पद

राज्य के स्कूलों में पहली बार कृषि विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति होने जा रही है। इनकी बहाली को लेकर जल्द ही शिक्षा विभाग बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेजेगा। हर जिले में दो-दो कृषि शिक्षकों का पदस्थापन होगा। इसके लिए विभाग उच्च माध्यमिक स्कूल के कृषि शिक्षकों के 76 पदों की स्वीकृति पहले ही कैबिनेट से ले चुका है।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों के एक-एक उच्च माध्यमिक स्कूल (11 वीं व 12 वीं) में कृषि विज्ञान की पढ़ाई होगी। जिला मुख्यालय में स्थापित उच्च माध्यमिक स्कूलों के चयन में इसकी प्राथमिकता दी जाएगी। जल्द ही यह तय हो जाएगा कि जिले के किस स्कूल में कृषि विज्ञान की पढ़ाई होगी।

पूर्व से राज्य के दर्जभन स्कूलों में कृषि विज्ञान की पढ़ाई चल रही है पर, इनके लिए कृषि शिक्षक नहीं हैं। पदाधिकारी बताते हैं कि स्कूल के बॉटनी और भूगोल के शिक्षकों की सेवा ही कृषि की पढ़ाई के लिए ली जाती है। कृषि के शिक्षक बहाल हो जाने के बाद इनकी पढ़ाई और भी बेहतर ढंग से हो सकेगी। मालूम हो कि मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की अगले चरण की नियुक्ति भी शीघ्र ही BPSC से होनी है। इसी क्रम में कृषि विज्ञान के शिक्षकों के 76 पद भी शामिल होंगे।

उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक की पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में पहली बार कृषि विज्ञान के अभ्यर्थी भी शामिल हुए हैं। इनका रिजल्ट तीन अक्टूबर को ही जारी होने की उम्मीद है। कृषि विज्ञान में स्नातक उत्तीर्ण को भी एसटीईटी में शामिल होने की इजाजत थी। एसटीईटी उत्तीर्ण होने के बाद बीपीएससी से होने वाली नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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