पटना, 17 जुलाई 2025।बिहार में कृषि के क्षेत्र में बीते दो दशकों में अभूतपूर्व विकास हुआ है, और अब यह विकास डिजिटल तकनीक के सहारे एक नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है। किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यमों से दी जा रही है, जिससे उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।
कृषि को डिजिटल बनाने की दिशा में कई पहल
राज्य सरकार ने किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई डिजिटल संसाधनों की शुरुआत की है:
- कृषि रेडियो: इसके माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक सलाह सरल भाषा में सुनाई जा रही है।
- बिहार कृषि ऐप: यह ऐप किसानों का डिजिटल साथी बनकर सरकारी योजनाओं, फसल प्रबंधन, बाजार भाव और तकनीकी सहायता की वन-स्टॉप सेवा दे रहा है। किसान इससे आवेदन, अनुदान और स्वीकृति की स्थिति भी देख सकते हैं।
- किसान कॉल सेंटर: किसानों की सीधी समस्याओं के समाधान के लिए स्थापित यह कॉल सेंटर रोजाना सैकड़ों किसानों की मदद कर रहा है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे: कृषि डेटा में पारदर्शिता और सटीकता
बिहार सरकार ने राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत कर दी है। इसके तहत:
- खरीफ 2025-26 सीजन में 2 करोड़ 18 लाख से अधिक प्लॉट का सर्वे किया जाएगा।
- इससे 38 जिलों और 32,707 गांवों में फसलों का सटीक और अद्यतन डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा।
- यह डेटा योजना निर्माण, अनुदान वितरण और आपदा प्रबंधन में मदद करेगा।
नतीजा: जागरूक किसान, समृद्ध खेत
डिजिटल पहल से न केवल किसानों की पहुंच आसान हुई है, बल्कि उन्हें विज्ञान-संगत खेती और सरकारी सहयोग का पूरा लाभ मिल रहा है। इससे उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी और लाभ में बढ़ोतरी हो रही है। बिहार कृषि क्षेत्र अब तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बनता जा रहा है।


