पटना/भागलपुर, 13 सितंबर 2025। भागलपुर जिले के पीरपैंती में प्रस्तावित 2400 मेगावाट क्षमता वाले ताप विद्युत संयंत्र को लेकर शुक्रवार को विद्युत भवन, पटना में बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) और अदाणी पावर लिमिटेड के बीच एकरारनामा (MoU) संपन्न हुआ। इस परियोजना की अनुमानित लागत 27 से 30 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।
आज़ादी के बाद ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना आज़ादी के बाद बिहार के इतिहास में ऊर्जा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने कहा—
“यह स्पष्ट है कि बिहार निवेश के लिए एक उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में उभर रहा है। 2005 के बाद बिजली क्षेत्र में हुए सुधारों ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। आज गांव-गांव और चौक-चौराहों तक रोशनी फैली है और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुआ है।”
2028 तक तैयार होगी पहली यूनिट
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 2028 की दीपावली तक परियोजना की पहली यूनिट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान अनुमानित लागत 27 हजार करोड़ रुपये है, जो कार्य के दायरे को देखते हुए 30 हजार करोड़ तक जा सकती है।
“हमारा संकल्प है कि इस परियोजना को समय से पहले पूरा किया जाए और निवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो।”
फरवरी में हुआ था निर्णय, सितंबर में करार
एसबीपीजीसीएल एवं एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी में इस परियोजना को स्थापित करने का निर्णय लिया गया था और अब सितंबर में इसका एकरारनामा भी संपन्न हो गया।
इस अवसर पर बीएसपीएचसीएल की ओर से मुख्य अभियंता मुर्तजा हलाल, पुरुषोत्तम प्रसाद, दीपक कुमार सिंह और अदाणी पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि अभिषेक त्यागी ने MoU पर हस्ताक्षर किए।


