पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद के भीतर गहरी टूट की तस्वीर सामने आने लगी है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार और रविवार को लगातार बयान देकर पार्टी नेतृत्व, खासकर तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रोहिणी ने दावा किया कि उन्हें परिवार से ‘निकाल’ दिया गया है और जब भी चुनावी प्रदर्शन पर सवाल किया जाता है, तो उन्हें गाली, धमकी और चप्पल से मारने की बात कही जाती है।
शनिवार को राजनीति से संन्यास की घोषणा करने के बाद रोहिणी रविवार रात पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुईं और जाते-जाते भी उन्होंने तेजस्वी कैंप पर तीखा हमला बोला।
“चाणक्य वही थे, उनसे पूछिए हार क्यों हुई” — रोहिणी का तंज
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए रोहिणी ने कहा कि चुनावी रणनीति तैयार करने वाले लोग ही हार के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा—
“चुनाव में हार का कारण तेजस्वी यादव और संजय यादव से पूछिए, यही लोग चाणक्य बने हुए थे।”
रोहिणी ने दावा किया कि अब उनका किसी से कोई पारिवारिक संबंध नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से वे आंतरिक उपेक्षा और अपमान झेल रही थीं।
“जबकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए, ये लोग गाली दिलवाते हैं” — रोहिणी का हमला
रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाया कि जब पूरे बिहार में राजद की हार पर चर्चा हो रही है, तो जिम्मेदार लोग सामने क्यों नहीं आ रहे।
उन्होंने कहा—
“पार्टी के कार्यकर्ता सवाल करेंगे तो गाली दी जाएगी। अपमानित करवाया जाता है। चप्पल से मारने की बात कही जाती है।”
उनका कहना है कि पार्टी की हार पर जवाबदेही तय करने के बजाय नेताओं के निजी सलाहकार और करीबी लोग सत्ता और पद की राजनीति में उलझे हुए हैं।
संजय यादव और रमीज पर भी सीधा आरोप
तेजस्वी यादव के सबसे करीबी रणनीतिकार माने जाने वाले संजय यादव और रमीज पर भी रोहिणी ने बड़ा हमला किया।
उन्होंने कहा—
“ये दोनों कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहते। देश पूछ रहा है कि पार्टी इतनी नाकाम क्यों हुई?”
रोहिणी ने आरोप लगाया कि इन दोनों की वजह से पार्टी की जमीन और नेतृत्व दोनों कमजोर हुए हैं।
“घर से निकाल दिया गया, अब मेरा कोई परिवार नहीं” — रोहिणी का दावा
सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए रोहिणी ने कहा—
“तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज़ ने ही मुझे परिवार से निकाला है। अब मेरा कोई परिवार नहीं है।”
उन्होंने कहा कि पार्टी में उनकी कोई सुनवाई नहीं है और लगातार मानसिक रूप से परेशान किया गया।
तेज प्रताप के बाद परिवार की दूसरी बड़ी टूट
रोहिणी की नाराज़गी और आरोपों ने लालू परिवार में फिर एक बार कलह का संकेत दे दिया है।
कुछ महीने पहले तेज प्रताप यादव को लालू प्रसाद ने अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
अब रोहिणी के इस्तीफे और गंभीर आरोपों ने लालू परिवार की आंतरिक स्थिति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजद में मंथन जारी, नेतृत्व पर बढ़ा दबाव
चुनावी हार के बाद राजद कैंप में लगातार बैठकों का दौर जारी है। तेजस्वी यादव और उनके रणनीतिकारों पर बढ़ते दबाव के बीच परिवार की यह सार्वजनिक नाराजगी पार्टी के सामने बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है।
पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक रोहिणी के आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।


