पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के सभी राज्यों के मुख्य सचिव मौजूद रहे। इस बैठक को लेकर सोमवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी साझा की और कहा कि केंद्र सरकार बिहार के विकास को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा राज्य को लगातार अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर तेजी से परिणाम दे रही हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में योजनाओं की केवल घोषणाएं होती थीं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर कोई ठोस पहल नहीं की जाती थी। वहीं, मोदी सरकार में योजनाओं की नियमित समीक्षा और सख्त निगरानी की जा रही है, जिससे कार्यों में तेजी आई है।
बिहार को मिल रही 7.50 लाख करोड़ की योजनाएं
सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्तमान में बिहार में केंद्र सरकार की ओर से साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं चल रही हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्तर पर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ प्रगति बैठक में देशभर में चल रही परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
“वर्तमान में बिहार में कुल 170 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें 6.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इनमें से 60 परियोजनाएं, जिनकी लागत 1.28 लाख करोड़ रुपये है, पूरी हो चुकी हैं, जबकि 110 परियोजनाएं 5.30 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।”
— सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
96 प्रतिशत योजनाएं हो चुकी हैं पूरी
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में चल रही 7.50 लाख करोड़ रुपये की योजनाओं में से लगभग 96 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
“रेलवे की 38 परियोजनाएं 1.98 लाख करोड़ रुपये की लागत से चल रही हैं। सड़क क्षेत्र में 124 योजनाएं हैं। बिजली सेक्टर में 10 योजनाएं, अर्बन सेक्टर, केमिकल और पोर्ट से जुड़ी परियोजनाएं भी राज्य में संचालित हो रही हैं।”
— सम्राट चौधरी
कोसी बराज और एक्सप्रेसवे पर भी काम
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही कोसी बराज से जुड़े कार्य भी प्रगति पर हैं। उन्होंने इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया।
सबसे ज्यादा सड़क और रेलवे परियोजनाएं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं की संख्या के लिहाज से सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र सबसे आगे है, जिसमें कुल 72 परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं रेलवे क्षेत्र में 38 परियोजनाएं चल रही हैं, जो बिहार को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और अधिक मजबूत बना रही हैं।
इसके अलावा बिजली, तेल एवं गैस, दूरसंचार, शहरी अवसंरचना और जलमार्ग क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
प्रगति प्रणाली में 41 प्रमुख परियोजनाएं
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार की 41 प्रमुख परियोजनाएं प्रधानमंत्री की PRAGATI प्रणाली के अंतर्गत समीक्षा में हैं, जिनमें कुल 2.13 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
इनमें से 12 परियोजनाएं (51,833 करोड़ रुपये) की लागत से पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष 29 परियोजनाएं (1.62 लाख करोड़ रुपये) की लागत से तेजी से प्रगति पर हैं।
राज्य सरकार दे रही पूरा सहयोग
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग लगातार प्रदान कर रही है। शेष चुनौतियों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर निरंतर निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार अब पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और अवसंरचना का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।



