
पटना | राजधानी पटना में हुई मूसलधार बारिश ने जहां एक ओर कई मोहल्लों को जलमग्न कर दिया, वहीं बिहटा प्रखंड के कोरहर गांव में धरती फटने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बारिश के बाद गांव की जमीन में 4 से 5 फीट तक के गड्ढे बन गए और लगभग 150 से 200 फीट लंबी दरारें उभर आईं। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और असमंजस का माहौल है।
स्थानीय प्रशासन ने की जांच, रिपोर्ट सौंप दी गई
घटना की जानकारी मिलते ही बिहटा अंचलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर अंचल के कर्मचारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि,
“शायद अधिक गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से यह भूगर्भीय घटना हुई हो। जांच रिपोर्ट अंचलाधिकारी को सौंपी गई है। अब इसे आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के असली कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।
तीन साल पहले भी फटी थी धरती: ग्रामीणों ने जताई चिंता
गांव के बुजुर्ग किसान जयविंद्र सिंह ने बताया कि ऐसी घटना तीन साल पहले भी हुई थी।
“सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए। गांव से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर एयरफोर्स की बाउंड्री वाल है और वहां बिहटा एयरपोर्ट का रनवे विस्तार भी प्रस्तावित है। कहीं इसका असर तो नहीं?”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की।
“खेती करने में भी लग रहा है डर” – ग्रामीणों की पीड़ा
गांव के एक अन्य निवासी विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना के बाद खेती करना भी भयभीत करने वाला अनुभव बन गया है।
“गांव की आबादी करीब 1200 से 1500 है। जब धरती ही खिसक रही हो तो लोगों की नींद उड़ी है। सरकार से मांग है कि इसका स्थायी समाधान निकाला जाए।“
सरकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा
हालांकि अंचल स्तर पर जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, लेकिन अब सभी की निगाहें आपदा प्रबंधन विभाग और भू-वैज्ञानिकों की विस्तृत जांच पर टिकी हैं। यह जानना जरूरी है कि यह भूगर्भीय परिवर्तन है, जलनिकासी की समस्या है या किसी निर्माण परियोजना का असर।
बिहार में बाढ़, बारिश और आपदाओं की मार झेलने वाले ग्रामीणों के लिए अब जमीन का फटना एक नया खतरा बनकर उभरा है। कोरहर गांव की यह घटना सिर्फ स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए भविष्य में संभावित भूगर्भीय खतरों की चेतावनी भी हो सकती है।


