भागलपुर(सुल्तानगंज), 08 जुलाई 2025: श्रावण महीने की शुरुआत से पहले ही बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। इस बार एक विशेष श्रद्धा और आस्था की मिसाल पेश कर रहे हैं मुजफ्फरपुर जिले के बोचाही थाना क्षेत्र अंतर्गत सनाठी गांव निवासी मिथिलेश कुमार, जो अपने छोटे भाई की बेटी के जन्म पर मांगी गई मन्नत पूरी होने पर अनूठे तरीके से बाबा दरबार की यात्रा कर रहे हैं।
मिथिलेश पेशे से राजमिस्त्री हैं और सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा वह अपने हाथ और पैरों के बल पर कर रहे हैं। उनके शरीर से बंधी एक विशेष पहिया लगी डोली में उनके बच्चे और भाई की बेटी की तस्वीर रखी गई है। वह अपने पत्नी रेखा देवी, भाभी रेणु देवी और बच्चों के साथ इस कठिन यात्रा पर निकले हैं।
तीन बार दंडवत यात्रा कर मांगी थी बेटी की मन्नत
मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनके छोटे भाई अखिलेश कुमार, जो पटना में मजदूरी करते हैं, को संतान न होने की चिंता थी। भाई के लिए मन्नत मांगते हुए उन्होंने तीन बार दंडवत प्रणाम करते हुए सुल्तानगंज से बाबाधाम तक यात्रा की और भोलेनाथ से बेटी की कामना की। उनकी यह मन्नत इस वर्ष मार्च में पूरी हुई, जब उनके भाई के घर बेटी का जन्म हुआ।
बाबा से मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने संकल्प लिया कि भाई की बेटी को बाबा के दरबार ले जाएंगे। हालांकि, भाई ने इतनी लंबी यात्रा में बच्ची को ले जाने से मना कर दिया, इसलिए मिथिलेश बच्ची की तस्वीर लेकर ही यात्रा पर निकल पड़े।
पहिए वाली डोली, रस्सियों से बंधा शरीर और अटूट आस्था
इस कठिन यात्रा के लिए उन्होंने एक विशेष डोली बनवाई है जिसमें छोटे पहिए लगे हैं। इसे वह अपनी कमर से रस्सी के सहारे बांधकर हाथ-पैर के बल पर घिसते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा कठिन नहीं बल्कि उनकी आस्था का प्रतीक है, और वह खुद को शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ मानते हैं।
मिथिलेश कुमार का लक्ष्य है कि वह श्रावण मेला के पहले सोमवार यानी 14 जुलाई 2025 को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करें।
सावन में उमड़ रही आस्था की भीड़
गौरतलब है कि सावन-भादो के महीनों में हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करते हैं। इस बार भी 11 जुलाई से मेला प्रारंभ हो रहा है, लेकिन अब से ही श्रद्धालु बाबाधाम पहुंचना शुरू कर चुके हैं।


