बिहार के पोलिटेकनिक संस्थानों में नामांकन शुरू, तकनीकी शिक्षा के लिए युवाओं को बड़ा अवसर

पटना, 10 अप्रैल। बिहार में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य के 46 सरकारी पोलिटेकनिक संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 21 अप्रैल निर्धारित की गई है।

यह नामांकन प्रक्रिया डिप्लोमा सर्टिफिकेट एंट्रेंस कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (DCECE-2026) के माध्यम से आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थियों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके बाद प्रवेश परीक्षा ली जाएगी। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।

कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा

राज्य सरकार ने इन संस्थानों में शिक्षा को आम छात्रों की पहुंच में रखने के लिए बेहद किफायती शुल्क संरचना तय की है। नामांकन के लिए वार्षिक प्रवेश शुल्क मात्र 5 रुपये रखा गया है, जबकि ट्यूशन फीस भी केवल 5 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है।

हालांकि, अन्य शुल्क के रूप में प्रथम वर्ष के छात्रों को 1,500 रुपये का वार्षिक विकास शुल्क और 300 रुपये का छात्र बीमा शुल्क जमा करना होगा। आवेदन, नामांकन और अन्य जानकारियों के लिए अभ्यर्थी की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर

पोलिटेकनिक संस्थानों में समय की मांग के अनुरूप आधुनिक एवं उभरते हुए पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रोबोटिक्स जैसे कोर्स प्रमुख हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा।

इन संस्थानों की खासियत उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, प्रैक्टिकल आधारित शिक्षण पद्धति और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस है, जिससे छात्र सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से बढ़ेगी गुणवत्ता

राज्य के 44 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में विभिन्न उभरते क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) भी स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य छात्रों को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उन्हें नई तकनीकों से जोड़ना है।

सरकार का लक्ष्य है कि तकनीकी शिक्षा को छात्रों के गृह क्षेत्र के आसपास ही उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ उठा सकें और रोजगारपरक कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकें।

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