पटना जंक्शन पर ‘नशे’ की लत ने बनाया लुटेरा! प्लेटफॉर्म 4 से 6 शातिर चोर गिरफ्तार; यात्रियों के मोबाइल उड़ाकर करते थे ‘नशा’

HIGHLIGHTS: रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई

  • प्लेटफॉर्म पर शिकंजा: पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर रेल पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान।
  • गैंग का खुलासा: चोरी के मोबाइल और सामान बरामद; नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए देते थे वारदात को अंजाम।
  • नेटवर्क: पटना के अलावा नालंदा और पूर्णिया के अपराधी भी शामिल; जंक्शन को बनाया था ‘सॉफ्ट टारगेट’।

चोरी का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में

  • कुल गिरफ्तार आरोपी: 6 संदिग्ध चोर।
  • बरामदगी: यात्रियों से चोरी किए गए कई मोबाइल फोन।
  • गिरफ्तारी का स्थान: प्लेटफॉर्म संख्या 4, पटना जंक्शन।
  • आरोपियों की पहचान: राजा कुमार (पटना), मुन्ना उर्फ नौशाद व कृष्णा कुमार (नौबतपुर), गोलू (बाइपास), प्रतीक (नालंदा) और अजय कुमार (पूर्णिया)।
  • वारदात की वजह: मादक पदार्थों (Drugs) के सेवन के लिए पैसों का जुगाड़ करना।

पटना | 18 मार्च, 2026

​पटना जंक्शन पर यात्रियों की जेब और मोबाइल अब सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन रेल पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। बुधवार को प्लेटफॉर्म संख्या 4 के पास से पुलिस ने 6 ऐसे लड़कों को दबोचा है, जिन्होंने अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए ‘चोरी’ को अपना पेशा बना लिया था।

प्लेटफॉर्म 4: अपराधियों का ‘सेफ जोन’ बना ‘ट्रैप’

​रेल पुलिस को सूचना मिली थी कि जंक्शन के प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध लड़कों का एक झुंड घूम रहा है:

  1. घेराबंदी: पुलिस ने जब संदिग्धों को रोका और उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से कई कीमती मोबाइल फोन मिले, जिनका वे कोई हिसाब नहीं दे सके।
  2. सफेद झूठ और फिर कबूलनामा: पहले तो उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर टूट गए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे यात्रियों का सामान चुराते हैं।
  3. नशे का कनेक्शन: पकड़े गए चोरों ने बताया कि चोरी के सामान को बेचकर जो भी पैसा मिलता है, उससे वे नशे का सामान खरीदते हैं।

VOB का नजरिया: क्या ‘नशा’ ही अपराध की जननी है?

​पटना जंक्शन पर पकड़े गए इन 6 लड़कों की कहानी बिहार के एक कड़वे सच को उजागर करती है— मादक पदार्थों का बढ़ता सेवन। जब नशे की तलब बढ़ती है और जेब खाली होती है, तो हाथ मोबाइल और बैग पर ही जाते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि केवल इन 6 चेहरों को जेल भेजना काफी नहीं है, बल्कि उस ‘सप्लाई चेन’ को तोड़ना जरूरी है जहाँ ये लड़के चोरी का मोबाइल बेचते हैं और जहाँ से इन्हें नशा मिलता है। यात्रियों के लिए सलाह— जंक्शन की भीड़ में अपने ‘डिजिटल दुनिया’ (मोबाइल) को मुट्ठी में बंद रखें, क्योंकि ‘मुन्ना और नौशाद’ जैसे गिरोह हर प्लेटफॉर्म पर घात लगाए बैठे हैं।

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