बिहार के विकास को लगेंगे ‘ADB’ के पंख: 1 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश पर बात; बौद्ध सर्किट से लेकर हेल्थ-इंफ्रा तक बदलेगी सूरत

  • बड़ा निवेश प्रस्ताव: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पटना में हुई एशियाई विकास बैंक (ADB) के साथ उच्च स्तरीय बैठक; राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए 1 बिलियन डॉलर (अरबों रुपये) से अधिक के निवेश पर चर्चा।
  • 6 प्रमुख सेक्टर्स पर फोकस: बैठक में बौद्ध सर्किट, कृषि, कौशल विकास, शहरी बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बदलने के लिए विस्तृत प्रस्ताव रखे गए।
  • गया और मुजफ्फरपुर बनेंगे हब: विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए गया और मुजफ्फरपुर में एकीकृत क्लस्टर बनाने पर भी हुआ विचार; महिलाओं के लिए MSME विकास पर भी जोर।

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/ब्यूरो)

​बिहार (Bihar) के विकास की गाथा में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। राज्य में बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बड़ा हाथ बढ़ाया है। सोमवार को पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (Pratyaya Amrit) की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए 1 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

बिहार बड़ी छलांग लगाने को तैयार: मुख्य सचिव

​बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार वर्तमान में अपनी आर्थिक और ढांचागत व्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • आश्वासन: उन्होंने ADB टीम को आश्वस्त किया कि प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र चर्चा की जाएगी और राज्य सरकार जल्द ही एक ठोस कार्य योजना (Action Plan) के साथ वापस आएगी।
  • उपस्थिति: इस बैठक में वित्त, शिक्षा, जल संसाधन, नगर विकास समेत करीब 10 विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रधान सचिव मौजूद रहे।

इन 6 बड़े प्रोजेक्ट्स पर बनेगी बात

​ADB की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका (Mio Oka) ने अपनी प्रस्तुति में बिहार के लिए 6 प्रमुख गेम-चेंजिंग प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव रखे:

  1. बौद्ध सर्किट: व्यापक बौद्ध सर्किट विकास (पर्यटन को बढ़ावा)।
  2. कृषि: जल संसाधन और कृषि रूपांतरण परियोजना।
  3. स्किल डेवलपमेंट: व्यापक कौशल विकास परियोजना।
  4. स्मार्ट सिटीज: चयनित शहरों के लिए शहरी बुनियादी ढांचा और लचीलापन परियोजना।
  5. ऊर्जा: नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और भविष्य के लिए तैयार वितरण ग्रिड।
  6. स्वास्थ्य: बिहार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना।

भविष्य का बिहार: गया-मुजफ्फरपुर पर नजर

​बैठक में पारंपरिक परियोजनाओं से हटकर कुछ नए और इनोवेटिव विचारों पर भी चर्चा हुई।

  • मैन्युफैक्चरिंग हब: गया (Gaya) और मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में एकीकृत क्लस्टरों के माध्यम से बिहार के विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
  • महिला उद्यमिता: महिलाओं पर केंद्रित MSME विकास और स्कूली शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए ‘स्कूल रेडीनेस गैप’ को कम करने पर भी जोर दिया गया।

​ADB के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका लक्ष्य वैश्विक विशेषज्ञता और रियायती पूंजी के मेल से बिहार को एक उच्च-उत्पादकता वाली अर्थव्यवस्था में बदलना है।

बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है।

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