गिरफ्तारी और जब्ती अभियान होगा तेज
पटना, 12 अगस्त।बिहार में शराबबंदी कानून को और कड़ाई से लागू करने तथा शराब तस्करी व अवैध बिक्री पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने बड़े पैमाने पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।
मंगलवार को विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी जिला अधीक्षकों और चेकपोस्ट प्रभारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि शराब तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी और छापेमारी को और अधिक आक्रामक बनाया जाए, ताकि तस्करों को किसी भी सूरत में राहत न मिले।
गिरफ्तारी और निगरानी अभियान में तेजी
बैठक में आबकारी आयुक्त सह महानिरीक्षक निबंधन रजनीश कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि—
- अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत तस्करों पर कड़ी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजे जाएं।
- ड्रोन आधारित छापेमारी कर छुपे हुए ठिकानों का पता लगाया जाए।
- शराब तस्करों और सेवन करने वालों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जहरीली शराब की घटनाओं वाले इलाकों में जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। गांवों और बस्तियों में अवैध बिक्री स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए, लेकिन अनुसूचित जाति और गरीब तबके के लोगों को बेवजह परेशान न किया जाए।
महिला संवाद से मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि महिला संवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर तत्काल कदम उठाएं। इसके अलावा सभी जिलों में शराब विनिष्टीकरण की प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए।
चेकपोस्ट प्रभारियों पर सख्ती
आबकारी आयुक्त ने अररिया के फुनकाहा, औरंगाबाद के पिचुलिया, कैमूर के कर्मनासा और भागलपुर के मिर्जा चौकी चेकपोस्ट प्रभारियों के कामकाज पर असंतोष जताया और सुधार की कड़ी चेतावनी दी।
सीमावर्ती जिलों जैसे बक्सर, गोपालगंज, जमुई आदि में विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जिला अधीक्षकों को कहा गया कि वे स्वयं जिलों में जाकर चेकिंग अभियान तेज करें और चेकपोस्ट पर शराब वाहनों की जब्ती में तेजी लाएं।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंत में आबकारी आयुक्त ने दो टूक कहा—
“शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाह पाया जाएगा, उस पर तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”


