पटना। बिहार में बेपटरी हो चुके राजस्व और भूमि सुधार कार्यों को पटरी पर लाने के लिए डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग में तेजी से सुधार के प्रयासों का असर दिखने लगा है, लेकिन अभी भी कुछ अनुमंडलों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
डीसीएलआर की कार्यप्रणाली की होगी निगरानी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निष्पादन की हड़बड़ी में लिए गए निर्णयों पर अक्सर शिकायतें आती रही हैं। इसे देखते हुए विभाग स्तर पर एक माइक्रो मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जा रहा है, जो सभी निर्णयों की गुणवत्ता (जजमेंट क्वालिटी) की जांच करेगी।
विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों से कहा कि बेहतर निर्णयों को साझा किया जाए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़े। इसके अलावा, टॉप 5 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) की एक विशेष टीम बनाई जाएगी, जो कमजोर प्रदर्शन वाले अनुमंडलों में जाकर तेज निष्पादन सुनिश्चित करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भूमि सुधार उप समाहर्ता विभाग की रीढ़ हैं, और उनके पास पूरे अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय संबंधी कार्यों में अधिकतम समय देने से ही राजस्व प्रशासन की स्थिति सुधारी जा सकती है।
मंगलवार को राज्यभर के सभी DCLR के कार्यों की गहन समीक्षा बैठक हुई, जिसमें लंबित मामलों के निष्पादन के लिए सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
- 15 जनवरी तक: परिमार्जन प्लस के तहत लंबित सभी मामलों का निष्पादन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
- 31 जनवरी तक: दाखिल–खारिज के सभी लंबित मामलों का निपटारा करने का आदेश।
इस फैसले से किसानों के कागजात अपडेट होंगे और वे विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर ले सकेंगे।


