नवादा (बिहार), 11 जुलाई 2025 – बिहार के नवादा जिले से एक जमीन विवाद और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान ने नकली दाखिल-खारिज केवाला बनाकर जमीन हड़पने और मोटेशन कराने का आरोप लगाया है। मामले में कई पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है, वहीं राजस्व अधिकारी (CO) पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।
12 डिसमिल जमीन हड़पने की साजिश
पीड़ित कृष्ण देव सिंह, निवासी ग्राम अतौआ, गोनावां, थाना कादिरगंज ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु के बाद से वह जमीन की देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने नकली बैला-कलामी कागजात तैयार कर उनकी 12 डिसमिल जमीन हड़पने की कोशिश की।
पीड़ित ने बताया:
“लगभग 35 वर्षों से हम गिरवी के बहले उस जमीन का कब्जा संभाल रहे हैं। लेकिन कुछ लोग बार-बार झूठे मुकदमे और फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए हमें परेशान कर रहे हैं।”
हारकर बेचनी पड़ी जमीन
लगातार विवादों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर कृष्ण देव सिंह ने 27 जुलाई 2024 को जमीन बेचने का निर्णय लिया। उन्होंने 12 डिसमिल जमीन संगीता देवी (पति कमलेश कुमार) और 37 डिसमिल जमीन अरविंद्र पासवान को बेची।
लेकिन इसके बाद विवाद और गहराता चला गया। कृष्ण देव का आरोप है कि उसी जमीन को कैली देवी (पति राजेंद्र मांझी) ने किसी प्रकार का वैध दस्तावेज़ न होते हुए भी, शकुंतला देवी (पति उमेश यादव) के नाम रजिस्ट्री कर दी और मोटेशन भी करा लिया।
सीओ पर रिश्वत मांगने और धमकी देने का आरोप
कृष्ण देव सिंह ने बताया कि उन्होंने जब अंचल कार्यालय जाकर CO से संपर्क किया, तो उनसे कहा गया कि एक लिखित आवेदन दें।
“मैंने 2 जुलाई 2025 को आवेदन दिया, लेकिन इसके बावजूद मेरी जमीन का मोटेशन शकुंतला देवी के नाम से कर दिया गया। जब मैंने CO से सवाल किया, तो उन्होंने कहा – ‘क्या हम गलत किए?’ और फिर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए कहा कि तभी मोटेशन रद्द होगा।”
पीड़ित का आरोप है कि सीओ साहब ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए कहा कि “जहां जाना है जाओ, हम इस मामले को देख लेंगे।”
मामले की गंभीरता पर उठे सवाल
यह मामला बिहार में भूमि विवाद, फर्जी दस्तावेज और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। पीड़ित किसान का आरोप है कि सरकारी तंत्र की मिलीभगत से उनकी जमीन हड़पने की साजिश की जा रही है।
“मैं एक गरीब किसान हूं, मेरे पास लड़ने की ताकत नहीं है। अब कानून और मीडिया से ही उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा,” – पीड़ित कृष्ण देव सिंह।






