भागलपुर।तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में शैक्षणिक अव्यवस्था, प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शुक्रवार को जोरदार आंदोलन किया। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर किया गया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति से मिलकर अपनी 18 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया गया।
घायल हुए छात्र नेता
लाठीचार्ज की इस कार्रवाई में टीएनबी कॉलेज के अध्यक्ष सुमित सिंह और शिवम तिवारी के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद आक्रोशित छात्र सेनेट बैठक स्थल तक पहुंचे और कुलपति के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
विश्वविद्यालय पर गंभीर आरोप
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि टीएमबीयू आज प्रशासनिक बदहाली और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि प्रमाण-पत्रों में देरी, छात्रावासों की बदहाली, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और परीक्षा प्रणाली की अनियमितताएं लगातार छात्रों को परेशान कर रही हैं।
प्रमुख मांगों में शामिल
छात्र संगठन ने छात्रावासों से अवैध कब्जा हटाने, डिग्री और मार्कशीट 7 कार्य दिवस में देने, बंद छात्रावासों को चालू करने, CCTV कैमरे लगाने, विश्वविद्यालय अस्पताल को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने, PG की पढ़ाई शुरू करने, तथा वित्तीय लेन-देन की उच्चस्तरीय जांच जैसी मांगें रखीं।
साथ ही, परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता, अधूरे भवनों का निर्माण पूरा करने, मूलभूत सुविधाओं की बहाली और रिक्त पदों पर नियुक्ति की भी मांग की गई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडे और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि
“शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।”
विभाग संयोजक अनुज चौरसिया ने भी चेतावनी दी कि छात्रहित की अनदेखी हुई तो आंदोलन विश्वविद्यालय परिसर से निकलकर सड़क तक जाएगा।
एबीवीपी ने साफ किया कि छात्रों के अधिकार, शैक्षणिक गुणवत्ता और विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।


