
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। एक्स (X) पर साझा की गई एक तस्वीर में वह अस्पताल के बेड पर ड्रिप लगवाते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए बड़ी संख्या में संदेश पोस्ट किए हैं।
एक्स पर वायरल हुई तस्वीर
अभिजीत दीपके की तस्वीर @Cockroachisback नामक एक्स हैंडल से साझा की गई। तस्वीर में वह अस्पताल के बेड पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में कैनुला लगा है और एक स्वास्थ्यकर्मी उन्हें ड्रिप चढ़ाता नजर आ रहा है।
पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, “Man is fighting typhoid now!” (अब टाइफाइड से लड़ रहा है।)
तस्वीर पोस्ट होने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
समर्थकों ने भेजीं शुभकामनाएं
तस्वीर वायरल होने के बाद समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। एक यूजर ने लिखा, “जल्दी ठीक हो जाइए, अभी कई और लड़ाइयाँ लड़नी बाकी हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, “आप एक बहादुर इंसान हैं। उम्मीद है आप जल्द स्वस्थ होकर फिर लौटेंगे।”
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनके स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हुए संदेश साझा किए।
वीडियो जारी कर समर्थकों का जताया आभार
इससे पहले अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा कि 37 दिनों के लंबे और चुनौतीपूर्ण संघर्ष के बाद अब राहत महसूस हो रही है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हर दिन अनिश्चितता बनी रहती थी और यह पता नहीं होता था कि दिन का अंत किस स्थिति में होगा। उन्होंने इस पूरे आंदोलन को देश के युवाओं और उन सभी लोगों की जीत बताया जिन्होंने उन पर भरोसा किया।
खराब स्वास्थ्य के कारण नहीं मिल सके समर्थकों से
अभिजीत दीपके ने बताया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद वह जंतर-मंतर पर मौजूद कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल सके। उन्होंने इसके लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि तेज बुखार होने के कारण उन्हें तुरंत घर लौटना पड़ा।
आलोचकों का भी जताया आभार
अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने आलोचकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं और कठिन सवालों ने संगठन को और मजबूत बनने तथा अपनी कमियों को समझने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि यह किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है और संगठन का सफर अभी लंबा है।


