भागलपुर, 9 सितंबर।भागलपुर के टाउन हॉल में आलय नाट्य संस्थान द्वारा प्रसिद्ध नाटककार स्वदेश दीपक द्वारा लिखित चर्चित नाटक “कोर्ट मार्शल” का मंचन किया गया। सेना की पृष्ठभूमि पर आधारित यह नाटक न केवल सैन्य व्यवस्था की खोखली नैतिकता को उजागर करता है, बल्कि जातिवाद और सामाजिक असमानता पर भी तीखा प्रहार करता है।
नाटक की कथा
कोर्ट मार्शल की कहानी सिपाही रामचंद्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपने अधिकारी के अपमानजनक व्यवहार के बाद आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ती है। इसके बाद उस पर मुकदमा चलता है। नाटक यह दिखाता है कि कैसे दबे-कुचले लोगों का शोषण किया जाता है और जब विरोध की आवाज़ों को लगातार दबाया जाता है, तो एक दिन वह विस्फोटक रूप ले लेता है।
सामाजिक संदेश
यह नाटक भारतीय सेना की पृष्ठभूमि में जातिवाद की उस समस्या को सामने लाता है, जिसे अक्सर नकार दिया जाता है। स्वदेश दीपक ने इस कृति के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जाति, वर्ग और अन्याय से उपजे आक्रोश का असर व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज पर पड़ता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन
मंचन से पहले भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा –
“किसी भी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत किया जा सकता है। नाटक भी एक सशक्त माध्यम है, जो समाज को झकझोरता और जगाता है।”
निर्देशक की बात
इस नाटक का निर्देशन कुमार चैतन्य प्रकाश ने किया। उन्होंने कहा –
“कोर्ट मार्शल में दिखाया जाने वाला दृश्य समाज का चुभता और ज्वलंत सच है। यह नाटक हमें उस सच्चाई से रूबरू कराता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।”


