
नवादा | 27 फरवरी, 2026: बिहार की शादियों में अक्सर विवादों की खबरें आती हैं, लेकिन नवादा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी माथा पकड़ लेंगे। यहाँ एक शादी समारोह में महज एक ‘रसगुल्ले’ की कमी ने ऐसा बवाल मचाया कि देखते ही देखते शादी का खुशहाल पंडाल ‘अखाड़े’ में तब्दील हो गया। दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग एक-दूसरे पर ऐसे टूटे मानो कोई पुरानी रंजिश हो।
थाली में रसगुल्ला कम, गुस्सा ज्यादा!
घटना नवादा के एक प्रतिष्ठित होटल की है, जहाँ शादी की रस्में और दावत का दौर चल रहा था।
- विवाद की जड़: खाने के दौरान जब कुछ बारातियों की थाली में रसगुल्ले खत्म हो गए, तो उन्होंने हलवाई और लड़की पक्ष के लोगों पर तंज कसना शुरू कर दिया।
- बात से बात बढ़ी: लड़की पक्ष के रोहित कुमार के अनुसार, शुरुआत में बात मामूली कहासुनी तक सीमित थी, लेकिन बारातियों के आक्रामक व्यवहार ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे।
CCTV में कैद हुई ‘जंग-ए-रसगुल्ला’
होटल के डाइनिंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों ने इस पूरी शर्मनाक घटना को रिकॉर्ड कर लिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि:
- कैसे अच्छे कपड़े पहने मेहमान एक-दूसरे पर कुर्सियां और प्लेटें फेंक रहे हैं।
- महिलाओं और बच्चों के बीच अफरा-तफरी मची हुई है।
- दूल्हा और दुल्हन पक्ष के युवा एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं। वायरल अलर्ट: यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर ‘नवादा रसगुल्ला कांड’ के नाम से तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग जमकर मजे ले रहे हैं और अफसोस भी जता रहे हैं।
होटल बना ‘पुलिस स्टेशन’
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। हालांकि पुलिस के आने से पहले ही कई उपद्रवी मेहमान खिसक चुके थे।
- पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने होटल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है और मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है।
- शिकायत: फिलहाल दोनों पक्षों को शांत कराकर मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने शादी की यादों को कड़वाहट में बदल दिया।
VOB का नजरिया: क्या यही है हमारी मेहमाननवाजी?
शादी-ब्याह जैसे पवित्र और मांगलिक कार्यों में भोजन की एक डिश को लेकर हिंसक हो जाना समाज की गिरती मानसिकता को दर्शाता है। एक ओर लड़की पक्ष अपनी पूरी जमा-पूंजी मेहमानों के सत्कार में लगा देता है, वहीं दूसरी ओर महज एक मिठाई के लिए बारातियों का यह बर्ताव न केवल शर्मनाक है, बल्कि अमानवीय भी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ अपील करता है कि उत्सवों में संयम और सम्मान बनाए रखें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


