नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में आज एक असाधारण दृश्य देखने को मिल सकता है। आमतौर पर अदालत में जज, वकील और पक्षकार मौजूद रहते हैं, लेकिन आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं कोर्ट में पेश हो सकती हैं—वह भी बतौर वकील। इस चर्चा ने तब जोर पकड़ा जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक पोस्टर जारी किया, जिसमें ममता बनर्जी को वकील के रूप में दिखाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। बिहार चुनाव के दौरान यह मुद्दा खासा चर्चित हुआ था और इसे लेकर सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। बाद में चुनाव आयोग ने पूरे देश में एसआईआर लागू करने का फैसला किया। उत्तर प्रदेश के बाद अब यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में शुरू होनी है, लेकिन यहां ममता सरकार इसका कड़ा विरोध कर रही है।
1.25 करोड़ मतदाताओं के अधिकार पर खतरे का आरोप
ममता बनर्जी और टीएमसी का आरोप है कि एसआईआर में मौजूद “तार्किक विसंगतियों” के कारण राज्य के लगभग 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे अलोकतांत्रिक और दोषपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए कहा है कि इससे बड़े पैमाने पर लोग मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
इस मामले में 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और आम जनता को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा था कि विसंगतियों वाली सूची को ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग लिखित आदेशों की जगह इंटरनेट संदेशों जैसे अनौपचारिक माध्यमों से जमीनी अधिकारियों को निर्देश दे रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
ममता के वकील के रूप में पेश होने की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ममता बनर्जी के पास कानून की डिग्री (LLB) है। इसी आधार पर माना जा रहा है कि वह अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सुनवाई बंगाल की आगामी राजनीति और चुनावी निष्पक्षता के लिहाज से बेहद अहम साबित हो सकती है।
टीएमसी का पोस्टर बना चर्चा का विषय
टीएमसी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्टर साझा किया है, जिसमें ममता बनर्जी फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियां चढ़ती नजर आ रही हैं। पोस्टर के कैप्शन में लिखा है— “People’s Advocate Vs Devil’s Advocate” और बड़े अक्षरों में “ऐतिहासिक” शब्द अंकित है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई 4 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी।


