कहलगांव में अनोखी सरस्वती पूजा, 20 टन कोयले की छाई से बनी मां शारदे की 15 फीट ऊंची भव्य आकृति

भागलपुर। भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत एकचारी पंचायत में इस बार सरस्वती पूजा कुछ अलग अंदाज में मनाई जा रही है। मां शारदे क्लब द्वारा आयोजित पूजा की तैयारियों के बीच देश के चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अद्भुत कलाकृति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

गंगा की रेत, समुद्र तट की बालू और पीपल के पत्तों पर कला रचने वाले मधुरेंद्र कुमार ने इस बार कोयले की छाई से एक अनोखा प्रयोग किया है। उन्होंने कहलगांव स्थित एनटीपीसी में बिजली उत्पादन के दौरान निकलने वाली 20 टन (20 हजार किलो) कोयले की छाई से करीब 15 फीट ऊंची मां सरस्वती की भव्य आकृति तैयार की है।

ज्ञान और शांति का संदेश

इस अनूठी रचना में मां सरस्वती को वीणा धारण किए, हंस पर विराजमान दिखाया गया है। साथ ही पास में मोर की मनोहारी आकृति भी उकेरी गई है। कलाकृति पर “हैप्पी सरस्वती पूजा” का संदेश भी अंकित किया गया है। कलाकार मधुरेंद्र का कहना है कि इस कलाकृति के जरिए वे ज्ञान, रचनात्मकता और विश्व शांति का संदेश देना चाहते हैं।

50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सम्मान

रेतकला के जादूगर कहे जाने वाले मधुरेंद्र कुमार प्राकृतिक आपदाओं, समसामयिक घटनाओं और सामाजिक मुद्दों पर अपनी कला के माध्यम से जागरूकता फैलाते रहे हैं। वे अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। वे ऐसे पहले भारतीय कलाकार हैं, जिन्हें लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है।

श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण

एकचारी पंचायत में प्रदर्शित यह अनोखी कलाकृति सरस्वती पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लोग दूर-दूर से इस अद्भुत रचना को देखने पहुंच रहे हैं।

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