स्मार्ट सिटी भागलपुर में विदेशी रोमांच का आगाज़! पहली बार पहुँचा ‘अफ्रीकन रोलेक्स सर्कस’; केन्या और साउथ अफ्रीका के कलाकार दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

समाचार के मुख्य बिंदु: सबौर जीरो माइल में सज गया मनोरंजन का महामंच

  • बड़ी खबर: भागलपुर के सबौर जीरो माइल क्षेत्र में ‘अफ्रीकन रोलेक्स सरकस’ ने दी दस्तक; सुलोचना मार्केट कॉम्प्लेक्स में शुरू हुआ विदेशी कलाकारों का जलवा।
  • विदेशी कलाकार: दशकों बाद भागलपुर की धरती पर केन्या और दक्षिण अफ्रीका के माहिर कलाकार अपना कौशल दिखाएंगे।
  • बदला स्वरूप: प्राचीन जानवरों के स्टंट की जगह अब मानव कलाकारों के साहसी और कलात्मक प्रदर्शन ने ले ली है।
  • शो का समय: प्रतिदिन तीन शो आयोजित किए जाएंगे— दोपहर 1 बजे, शाम 4 बजे और रात 7 बजे।
  • किफायती टिकट: गैलरी से लेकर स्पेशल क्लास तक, टिकटों की दर ₹100 से ₹300 के बीच रखी गई है।
  • VOB इनसाइट: डिजिटल युग में जहाँ सर्कस लुप्त हो रहे थे, विदेशी कलाकारों के साथ इस प्राचीन कला का भागलपुर आना स्मार्ट सिटी के सांस्कृतिक और मनोरंजन परिदृश्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

भागलपुर | 26 मार्च, 2026

​स्मार्ट सिटी भागलपुर के मनोरंजन प्रेमियों के लिए एक बड़ी और रोमांचक खबर सामने आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्कस का पदार्पण हुआ है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सबौर जीरो माइल स्थित सुलोचना मार्केट कॉम्प्लेक्स (गंगा ब्रिज रोड) में ‘अफ्रीकन रोलेक्स सरकस’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। यह सर्कस न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए यादों को ताजा करने और आधुनिक करतबों को देखने का एक शानदार अवसर लेकर आया है।

केन्या और साउथ अफ्रीका के जांबाज कलाकार: 2 घंटे का फुल डोज मनोरंजन

​सर्कस के प्रबंधक रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि भागलपुर में पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप के जांबाज कलाकारों का जत्था पहुँचा है। केन्या और दक्षिण अफ्रीका से आए ये कलाकार अपनी शारीरिक क्षमता, संतुलन और हैरतअंगेज स्टंट्स के जरिए दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देंगे।

सर्कस का नया अवतार:

प्रबंधक ने साझा किया कि एक समय था जब लोग सर्कस में शेर, हाथी और भालू जैसे जानवरों के करतब देखने आते थे। समय बदलने और वन्यजीव कानूनों के कड़ा होने के बाद अब सर्कस का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। आज जानवरों की जगह ‘मानव कला’ और ‘एक्रोबेटिक्स’ ने ले ली है। विदेशी कलाकारों के संगीत, नृत्य और जोखिम भरे स्टंट्स दर्शकों को पूरे दो घंटे तक अपनी सीटों से बांधे रखेंगे।

टिकट दर और शो की जानकारी: आम आदमी की पहुँच में रोमांच

​प्रशासन और आयोजकों ने सुनिश्चित किया है कि समाज के हर वर्ग के लोग इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन का आनंद ले सकें। इसके लिए टिकटों की श्रेणियों को बहुत ही व्यावहारिक रखा गया है:

श्रेणी (Class)

टिकट दर (रुपये में)

स्पेशल क्लास

300

रेगुलर क्लास

200

डीसी क्लास

150

गैलरी

100

नियम व शर्तें:

  • आयु सीमा: 3 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए पूरा टिकट लेना अनिवार्य होगा।
  • शो का समय: 1. प्रथम शो: दोपहर 01:00 बजे 2. द्वितीय शो: अपराह्न 04:00 बजे 3. तृतीय शो: संध्या 07:00 बजे

VOB का नजरिया: यादों का पुनरुद्धार और नया अनुभव

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर में अफ्रीकी सर्कस का आना स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए भी बेहतर है।

  1. सांस्कृतिक आदान-प्रदान: केन्या और अफ्रीका के कलाकारों को करीब से देखना भागलपुर के बच्चों के लिए एक नया अनुभव होगा, जिससे उन्हें अन्य देशों की शारीरिक कला के बारे में जानकारी मिलेगी।
  2. पारिवारिक जुड़ाव: मोबाइल और ओटीटी के दौर में सर्कस एक ऐसा मंच है जहाँ पूरा परिवार एक साथ बैठकर हंस सकता है और रोमांचित हो सकता है।
  3. स्थान का चयन: सबौर जीरो माइल और गंगा ब्रिज रोड का क्षेत्र काफी व्यस्त और सुलभ है, जिससे आसपास के प्रखंडों के लोग भी आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।

सुशासन और मनोरंजन का संगम

​अफ्रीकन रोलेक्स सरकस भागलपुर के लोगों के लिए इस गर्मी की छुट्टियों से पहले एक शानदार तोहफा है। प्रबंधक रूपेश कुमार सिंह ने दर्शकों से अपील की है कि वे सपरिवार आएं और इन विदेशी कलाकारों का उत्साहवर्धन करें। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ सर्कस की सुरक्षा व्यवस्था, दर्शकों के फीडबैक और कलाकारों के विशेष इंटरव्यू की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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