पटना, 16 जुलाई 2025 — बिहार में इस सावन से शुरू हुआ वन महोत्सव इस बार हरियाली की नई लहर लेकर आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 जुलाई को पौधरोपण कर इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की। तीन महीने तक चलने वाले इस वन महोत्सव के दौरान 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विभिन्न विभागों को सौंपा गया जिम्मा
बिहार सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग इस पूरे अभियान की निगरानी कर रहा है। पौधरोपण का वितरण इस प्रकार है:
- वन विभाग – 1 करोड़ 7 लाख पौधे
- जीविका समूह – 57 लाख पौधे
- मनरेगा – 1.93 लाख पौधे
- सरकारी स्कूल एवं कॉलेज – 37.16 लाख पौधे
- कृषक समूह – 56 लाख पौधे
अब तक जुलाई महीने में ही 30 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
छात्रों और आम लोगों को मिलेंगे मुफ्त पौधे
सरकार इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की कोशिश में है। इसके तहत:
- हर सरकारी स्कूल के छात्र को 2 पौधे मुफ्त में दिए जाएंगे
- प्रत्येक सरकारी स्कूल और कॉलेज को मुफ्त पौधे प्रदान किए जाएंगे
- जो व्यक्ति स्वयं पौधरोपण करेंगे, उन्हें भी 5 पौधे मुफ्त में दिए जाएंगे
पौधे की किस्मों में शामिल हैं: सागवान, महोगनी, सेमल, जामुन, अर्जुन आदि। इन पौधों की उपलब्धता राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित पौधशालाओं (नर्सरी) में सुनिश्चित की गई है।
पौधों की देखभाल पर मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने पौधों के संरक्षण हेतु किसानों को आर्थिक सहायता देने की योजना भी शुरू की है:
- प्रति पौधा 10 रुपये सालाना तीन वर्षों तक
- तीन सालों के बाद प्रत्येक जीवित पौधे पर 60 रुपये का अतिरिक्त भुगतान
- पहले से दी गई 10 रुपये प्रति पौधा की राशि सब्सिडी के रूप में जोड़ी जाएगी
जन जागरूकता के लिए “मिशन मेरी लाइफ”
वन महोत्सव के तहत “मिशन मेरी लाइफ” अभियान के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और जलवायु परिवर्तन की समझ देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अधिक जानकारी हेतु कॉल सेंटर: ☎️ 0612-2226911
वर्ष 1950 से चल रही परंपरा को नया विस्तार
बिहार में वन महोत्सव 1950 से आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इस बार यह अपने व्यापक स्तर, जनभागीदारी और संरचनात्मक योजनाओं के कारण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। सरकार की मंशा है कि यह अभियान न केवल वनों को बढ़ाए, बल्कि हरित रोजगार, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में भी कारगर हो।


