
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में मोहर्रम का पर्व शनिवार को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। ताजिया जुलूस, पारंपरिक सिफल और लाठी खेल के बीच शहर के कोतवाली चौक पर प्रदर्शित एक सिफल सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया।
इस सिफल में भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को दर्शाया गया था। सिफल के एक ओर भरत तिवारी की तस्वीर लगाई गई थी, जबकि दूसरी ओर शहीद भगत सिंह की तस्वीर प्रदर्शित की गई। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और यह प्रस्तुति पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बनी रही।
मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए की गई।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि मोहर्रम भाईचारे और शांति का पर्व है। इसे सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रखा और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी।
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हुई थी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में गोली चलाई गई थी, जबकि परिजनों का आरोप है कि भरत द्वारा हथियार फेंकने के बाद भी उसे गोली मारी गई। इस मामले में एसडीपीओ, एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और न्यायिक जांच भी जारी है।
प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे जिले में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।


