सीतामढ़ी। कहते हैं कि बच्चा माता-पिता के बाद सबसे ज्यादा भरोसा ननिहाल पक्ष पर करता है, लेकिन जब वहीं से धोखा मिले तो रिश्तों पर से विश्वास ही उठ जाता है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले से सामने आया है, जहां पांच वर्षीय बच्चे के अपहरण की साजिश किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके अपने मामा ने ही रची थी।
पुलिस ने सुलझाई अपहरण की गुत्थी
नगर थाना क्षेत्र के अमघट्टा गांव से अपहृत पांच वर्षीय बच्चे के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले की जानकारी सदर एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह ने नगर थाने में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
बच्चे को बेचने की थी साजिश
एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि बच्चे के मामा भोला राय ने अपने दो सहयोगियों राहुल कुमार और मिथलेश कुमार के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया था। तीनों की मंशा बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की थी।
दिल्ली ले जाकर छोड़ा गया बच्चा
आरोपी बच्चे को लेकर दिल्ली के लिए रवाना भी हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी भोला राय को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शिवहर जिले के श्यामपुर भटहा में छापेमारी की।
पुलिस की दबिश बढ़ते ही अपहरणकर्ता घबरा गए और बच्चे को दिल्ली से वापस लाकर श्यामपुर भटहा में छोड़ दिया। पुलिस ने वहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
बाल तस्करी नेटवर्क की भी जांच
पुलिस को आशंका है कि इस अपहरण के पीछे बाल तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। फिलहाल इस एंगल से भी गहन जांच की जा रही है।
“मुख्य आरोपी भोला राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके दो सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— राजीव कुमार सिंह, एसडीपीओ सदर, सीतामढ़ी
बच्चे की सकुशल बरामदगी से परिवार को राहत
मीडिया में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। हालांकि शुरुआत में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिवार के चेहरे पर राहत और खुशी साफ नजर आ रही है।
रिश्तों पर सवाल
यह मामला सिर्फ एक अपहरण नहीं, बल्कि रिश्तों में छिपे लालच और भरोसे के कत्ल की कहानी है। जिस मामा पर बच्चे ने सबसे ज्यादा भरोसा किया, वही उसे बेचने की साजिश रच रहा था। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।


