- सोनमती मंदिर के पास रिहायशी मकान में चल रहा था देह व्यापार; पुलिस ने मारा छापा, 4 महिलाएं और 2 पुरुष गिरफ्तार
- हाई-टेक तरीके से होती थी बुकिंग: व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर होती थी डील, ‘स्कैनर’ से एडवांस पेमेंट के बाद मिलता था एंट्री पास
- नेपाल-कोलकाता कनेक्शन: 3 से 4 हजार में होती थी डील; कमरे से शक्तिवर्धक दवाएं और आपत्तिजनक सामान बरामद
द वॉयस ऑफ बिहार (पूर्वी चंपारण/मोतिहारी)
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने जिस्मफरोशी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। आस्था के केंद्र सोनमती मंदिर के पास स्थित एक रिहायशी मकान की आड़ में चल रहे इस गंदे खेल का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी में पुलिस ने मौके से 4 महिलाओं और 2 पुरुषों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया है।
कमरे में मिला आपत्तिजनक सामान
स्थानीय लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। जैसे ही पुलिस टीम मकान के अंदर दाखिल हुई, वहां अफरा-तफरी मच गई।
- बरामदगी: तलाशी के दौरान कमरों से भारी मात्रा में कंडोम, शक्तिवर्धक दवाएं (Sex Power Medicines), नकद राशि और एक स्कैनर मशीन बरामद की गई है। इसके अलावा कई संदिग्ध आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है।
डिजिटल तरीके से चलता था धंधा
पुलिस जांच में इस रैकेट के काम करने के आधुनिक (High-Tech) तरीके का खुलासा हुआ है।
- व्हाट्सएप बुकिंग: गिरोह का मास्टरमाइंड ग्राहकों से सीधा संपर्क नहीं करता था। व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं।
- ऑनलाइन पेमेंट: लड़की पसंद आने पर QR कोड स्कैनर के जरिए एडवांस पेमेंट लिया जाता था। पैसे मिलने के बाद ही ग्राहक को ठिकाने का पता बताया जाता था।
नेपाल और कोलकाता से तार जुड़े
पूछताछ में पता चला है कि इस सेक्स रैकेट का नेटवर्क बिहार की सीमाओं के पार तक फैला है। ग्राहकों की डिमांड पर कोलकाता और नेपाल से भी लड़कियों को बुलाया जाता था। ग्राहकों से एक बार के लिए 3,000 से 4,000 रुपये वसूले जाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और चैट खंगाली जा रही है ताकि सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


