1 लाख का इनामी.. मोतिहारी की मेयर का पति राजद प्रत्याशी रहे देवा गुप्ता गिरफ्तार; पाटलिपुत्र के फ्लैट में छिपा था ‘मोस्ट वांटेड’

पटना/मोतिहारी | 27 फरवरी, 2026: बिहार एसटीएफ (STF) ने राजधानी पटना में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मोतिहारी के सबसे चर्चित और कुख्यात अपराधियों में शुमार देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। भारी पुलिस बल के साथ पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के एक पॉश अपार्टमेंट में दी गई दबिश ने इस ‘हाई-प्रोफाइल’ फरारी का अंत कर दिया।

राधिका अपार्टमेंट का ‘सीक्रेट’ मिशन

​एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि देवा गुप्ता पटना के पाटलिपुत्र इलाके में अपना ठिकाना बदले हुए है।

  • लोकेशन: राधिका अपार्टमेंट, फ्लैट संख्या 303।
  • कार्रवाई: पुलिस की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अपार्टमेंट को घेरा और सीधे फ्लैट पर छापा मारा। देवा गुप्ता को वहां से भागने का मौका तक नहीं मिला।

मोतिहारी की ‘हिट लिस्ट’ में नंबर वन

​देवा गुप्ता केवल एक नाम नहीं, बल्कि मोतिहारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थे।

  1. इनामी राशि: बिहार पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
  2. अपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, देवा के खिलाफ हत्या, रंगदारी (Extortion) और जमीन कब्जाने जैसे 28 गंभीर मामले दर्ज हैं।
  3. टॉप-100 लिस्ट: मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा तैयार की गई जिले के ‘टॉप-100’ अपराधियों की सूची में देवा गुप्ता का नाम सबसे ऊपर यानी नंबर-1 पर था।

सियासत, रसूख और कानून

​देवा गुप्ता की गिरफ्तारी ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है:

  • पारिवारिक पहचान: वह मोतिहारी नगर निगम की वर्तमान मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं।
  • राजनीतिक सफर: वह खुद भी राजद (RJD) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
  • पुलिस का पक्ष: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्दी के सामने रसूख काम नहीं आता। कानून सबके लिए बराबर है और देवा गुप्ता लंबे समय से दो अहम मामलों में फरार चल रहे थे।

VOB का नजरिया: क्या यह ‘क्राइम फ्री’ बिहार की शुरुआत है?

पटना के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में कुख्यात अपराधियों का पनाह लेना चिंता का विषय है, लेकिन एसटीएफ की यह तत्परता सराहनीय है। देवा गुप्ता की गिरफ्तारी न केवल मोतिहारी पुलिस के लिए राहत की बात है, बल्कि यह उन अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो राजनीतिक रसूख की आड़ में कानून से बचने की कोशिश करते हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी में ‘लैंड माफिया’ और ‘एक्सटॉर्शन सिंडिकेट’ पर लगाम लग पाएगी?

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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